मोरना। डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि सहकारी मिल मोरना के विस्तारीकरण के प्रयास जारी हैं। जल्द ही कार्य आरंभ होगा। किसानों की सहमति से गन्ना डायवर्ट प्रकिया समय से होनी चाहिए। किसानों को समस्या हो तो सीधे आकर मिले, समाधान हो जाएगा।
मोरना चीनी मिल समिति के तत्वावधान में सामान्य निकाय वार्षिक सभा में डीएम ने कहा कि प्रबंधक किसान और डायरेक्टरों से अच्छा व्यवहार करें। समय से गन्ना इंडेट, पर्ची वितरण, ओर गन्ना पेमेंट 14 दिनों तक किसानों देना होगा। जल्द से जल्द गन्ना पेराई सत्र शुरू करें। गन्ने की नई रोग रहित फसलों की जानकारी के लिए किसान और कर्मचारियों की समिति बनाकर हर माह रिपोर्ट देनी होगी। मोरना मिल को आत्मनिर्भर बनाए। मिल में किसानों की बैठने की अच्छी करने के आदेश दिए। किसान मनोज राठी, कादीपुर निवासी सोरण सिंह ने मिल मार्ग के दोनों और एक किमी तक रोशनी की व्यवस्था कराएं जाने की मांग रखी। ब्लाक प्रमुख अनिल राठी और डायरेक्टर संसार सिंह, यशवीर, विनोद कुमार, मनोज कुमार, टीटू रहमतपुर, ओसामा रुडकली ने 15 अक्तूबर से गन्ना पेराई सत्र आरम्भ और 15 अप्रैल को मिल बंद करने की मांग रखी। मोरना मिल अपने पास 40 लाख क्विंटल तक गन्ना सट्टा रखें।
गांव फिरोजपुर, रहमतपुर, गढ़वाड़ा, सिकन्दरपुर, दरियापुर, रुड़कली के किसानों ने खाईखेड़ी और टिकोला मिल का गन्ना सेंटर दिलाए जाने की मांग रखी। खाईखेड़ी चीनी मिल से उपमहाप्रबंधक पवन जैनर, गन्ना प्रबंधक प्रदीप त्यागी, सहायक प्रबंधक मनोज त्यागी, टिकोला मिल से गन्ना प्रबंधक अरविंद शर्मा मौजूद रहे। अध्यक्षता प्रबंधक बीपी पाण्डेय और संचालन कालूराम ने की। आयोजन में मुख्य गन्ना अधिकारी राजेश कुमार, चीफ इंजीनियर शशीकांत यादव, लेखाकार सलिल, ऋषिपाल ने मुख्य भूमिका निभाई।