लक्ष्य के प्रति एकाग्रता की बदौलत नसीरपुर गांव की बेटी ने एचजेएस की परीक्षा क्वालीफाई कर जज बनने का गौरव हासिल किया है। हाईकोर्ट इलाहाबाद के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा 28 फरवरी को घोषित रिजल्ट में जिले की रागिनी को 9 वां स्थान मिला है। गांव के प्राइमरी स्कूल से पढ़ी रागिनी की उपलब्धि इसलिए भी खास है कि शादी के 9 साल बाद उसने जज बनने का सपना पूरा किया और अपने दो बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई।
जिले के बघरा ब्लाक के गांव में नसीरपुर में खुशियों का माहौल है। स्वर्गीय किसान छोटे सिंह की पौत्री रागिनी एचजेएस का एग्जाम उत्तीर्ण कर जज बन गई है। वर्ष 1979 में गांव में जन्मी रागिनी के घर में परिजनों को बधाई का तांता लगा है। उनके पिता जिला बार संघ के पूर्व महासचिव ठाकुर कंवरपाल सिंह कचहरी में प्रैक्टिस करते हैं। हाईकोर्ट इलाहाबाद के रजिस्ट्रार जनरल मयंक कुमार जैन द्वारा एचजेएस के घोषित रिजल्ट में रागिनी को चयनित सूची में 9 वां स्थान हासिल हुआ।
गांव के सरकारी प्राइमरी स्कूल में पढ़ी मेधावी बेटी ने अनुशासन, लगन और परिश्रम से यह मंजिल पाई है। ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी, मगर अपने सपने को मन मे छुपाकर डटी रही। तितावी के उच्च प्राथमिक विद्यालय में आठवीं पास की। फिर शिक्षा ऋषि वीतराग स्वामी कल्याणदेव द्वारा बघरा में स्थापित कल्याणकारी इंटर कालेज से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट उर्तीण की। पढ़ाई के संकल्प को पूरा करने को वह हर दिन नसीरपुर से 6 किमी दूर बघरा पढ़ने आती थी।
शहर के जैन गर्ल्स डिग्री कालेज से बीए तथा डीएवी कॉलेज से वर्ष 2003 में एलएलबी की। मेरठ कालेज, मेरठ से एलएलएम वर्ष 2005 में किया। तीन बार पीसीएस जे की परीक्षा दी, मगर इंटरव्यू की बाधा नही लांघ सही। इसी बीच साल 2010 में रागिनी का विवाह सहारनपुर जिले गांव मोरा निवासी जितेंद्र सिसौदिया से हो गया, उनके पति उच्च न्यायालय इलाहाबाद में क्रिमिनल केस के अधिवक्ता हैं। उसने अपना लक्ष्य छूने का प्रयास कायम रखा।
यहां कचहरी में प्रैक्टिस भी की। परिवार में एक बेटा हनु और एक बेटी पूर्वी की परवरिश का दायित्व निभाते हुए पहली बार एचजेएस की परीक्षा दी और जज बनने का ख्वाब पूरा किया। भाई रोहित और राहुल सिंह बहन की सफलता पर प्रफुल्लित है। रागिनी कामयाबी का श्रेय पति जितेंद्र को देती है, जिन्होंने तैयारी में पूरी मदद की। पिता कंवरपाल सिंह कहते है कि बेटी ने नसीरपुर का नाम रोशन कर दिया। उन्हें रागिनी पर नाज है।
मां कुसुमलता की याद में भावुक हुई बेटी
मुजफ्फरनगर। जज बनी रागिनी को दुख है उसकी खुशी में आज मां कुसुमलता साथ नहीं है। मेरठ के गांव सलावा की मूल निवासी कुसुमलता का 7 दिसंबर, 2017 को दिल्ली में रेल हादसे में निधन हो गया था, जब वह मुजफ्फरनगर से फरीदाबाद अपने बेटे रोहित के पास जा रही थी। भावुक रागिनी कहती है कि पढ़ाई के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण और मर्यादा से जीवन जीने की शिक्षा माँ से मिली थी। शहर में उनके ब्रह्मपुरी आवास पर हर्ष का माहौल है।
कचहरी में बांटी गई मिठाई, दी बधाई
मुजफ्फरनगर। कचहरी के स्वतंत्रता सेनानी पंडित ब्रह्मप्रकाश शर्मा चेंबर भवन में अधिवक्ताओं ने ठाकुर कंवरपाल सिंह को बेटी रागिनी के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बनने पर बधाई दी और मिठाई बांटी गई। जिला बार संघ के पूर्व अध्यक्ष अनिल जिंदल, ठाकुर अनूप सिंह, सुरेंद्र मलिक, सीताराम वर्मा, ऋषिपाल परिहार, तरसपाल पुंडीर, अजय शर्मा, धर्मेंद्र पुंडीर, सुभाष गर्ग आदि मौजूद रहे। उधर, कल्याणकारी इंटर कालेज बघरा की प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष कुंवर देवराज पंवार तथा प्रधानाचार्य जितेंद्र वर्मा ने संस्था की पूर्व छात्रा रागिनी के एचजेएस बनने पर फक्र जताया है ।