गांव बागोवाली में कार्यक्रम को संबोधित करते मौलाना अरशद मदनी।
मुजफ्फरनगर के गांव बागोवाली में जमीयत उलमा हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने दंगा पीड़ित 85 परिवारों को मकानों का आवंटन किया। उन्होंने कहा कि हम सियासत के लिए नहीं इंसानियत के लिए काम कर रहे हैं। मदनी ने कहा कि राष्ट्रीय एकता और सहिष्णुता को समाप्त करने की साजिश सफल हुई तो देश बर्बाद हो जाएगा। भारत के लोगों को न्यूजीलैंड की सरकार के सबक लेना चाहिए। उन्होंने पूरी दुनिया के सामने एक नजीर पेश की है। केरल में बाढ़ में तबाह हुए लोगों के लिए भी मकान बना रहे हैं। हम एक हाथ से लेकर दूसरे हाथ को देने का काम कर रहे हैं।
जिले में दंगे के बाद बेघर हुए लोगों के लिए मकान बनाकर जमीयत उलमा हिंद के सदर मौलाना अरशद मदनी ने उन्हें चाबियां सौंपी। उन्होंने कहा कि जमीन की रजिस्ट्री में देरी होने के कारण ही मकान बनने में देरी हुई। यहां एक मकान पर एक लाख 47 हजार की लागत आई है। मदरसा तो यहां पास में है, लेकिन मस्जिद नहीं है। मस्जिद के लिए बराबर के एक किसान हाजी मकसूद ने 500 गज जमीन देने की घोषणा की। यहां 85 मकान बने हैं, 83 की चाबियां दे दी गई है।
उन्होंने कहा कि यहां ये मकान इसलिए बनाए गए हैं, शहर यहां से पास में है। सभी दंगा पीड़ित मेहनत मजदूरी करने वाले लोग हैं। ये साइकिल से शहर जा भी सकते हैं और शाम को काम करके वापस भी आ सकते हैं। मदनी ने बताया कि केरल के बाढ़ पीड़ितों के लिए भी वह मकान बना रहे हैं। धर्म, जाति से ऊपर उठकर काम कर रहे हैं। मदनी ने कहा कि देश में अब तक जितने भी दंगे हुए हैं मलियाना को छोड़कर कहीं भी सजा नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि असम में पांच हजार लोग दंगे में मारे गए।
जुल्म और ज्यादती रुकनी चाहिए नहीं तो यह देश बर्बाद हो जाएगा। राष्ट्रीय एकता और सहिष्णुता को समाप्त करने की साजिश चल रही है। उन्होंने कहा कि हमें जालिमों और देश विरोधी काम करने वालों से कोई लगाव नहीं है। ऐसे लोगों को चाहे चौराहे पर गोली मार दो, लेकिन इनके नाम पर निर्दोषों को न फंसाया जाए। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड ने पूरी दुनिया के सामने एक नजीर पेश की है। वहां जो हमला हुआ, उसके बाद वहां की सरकार ने मृतकों के परिवारों और आरोपी के विरुद्ध कठोर कदम उठाए हैं। इस अवसर पर बागोवाली के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे। पूर्व जिला पंचायत सदस्य सईदुज्जमा, फजलुर्रहमान आदि शामिल रहे।