मुजफ्फरनगर में डीआईओएस कार्यालय में जांच पहुंचे जेडी बालेंदू भूषण सिंह।
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यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान एसटीएफ के छापे में सामूहिक नकल के खुलासे के बाद चरथावल ब्लाक के जनता इंटर कॉलेज बाढ़ की शुक्रवार को द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट की हुए फिजिक्स विषय की परीक्षा निरस्त करने की संस्तुति शासन को की गई है। नकल कराने में संलिप्त पाए गए बाढ़ के परीक्षा केंद्र को ब्लैक लिस्ट किया जा रहा है। केंद्र व्यवस्थापक बदलने के साथ स्टेटिक मजिस्ट्रेट को भी हटा दिया गया है।
कलक्ट्रेट में पत्रकारों से वार्ता में डीएम अजय शंकर पांडेय ने कहा कि सामूहिक नकल पकड़ा जाना गंभीर मामला है। जो भी दोषी है, उन सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी है। जनता इंटर कॉलेज बाढ़ को मानकों और शासन के नियमों की अनदेखी कर कैसे परीक्षा केंद्र बनाया गया, इसकी जांच बैठा दी गई है। डीआईओएस, स्टेटिक मजिस्ट्रेट और अन्य अफसरों की भूमिका की जांच भी होगी। 22 फरवरी को द्वितीय पाली में बाढ़ के केंद्र पर भौतिक विज्ञान इंटरमीडिएट की जिस परीक्षा में सामूहिक नकल कराना पकड़ा गया है, उस पेपर की परीक्षा निरस्त करने की संस्तुति शासन से कर दी गई है। केंद्र व्यवस्थापक एवं प्रधानाचार्य योगेंद्र पाल सिंह को भी बदल दिया गया है।
बताया कि स्टेटिक मजिस्ट्रेट जिला सेवा योजन अधिकारी उमेश कुमार शुक्ला को हटा दिया गया है। आगे की परीक्षा के लिए बाढ़ के जनता इंटर कॉलेज में नए स्टेेटिक मजिस्ट्रेट और अन्य शिक्षण संस्थाओं के 12 अध्यापक ड्यूटी पर लगाए गए हैं। छापे की कार्रवाई में साल्व पेपर, मोबाइल, भौतिक विज्ञान की किताबें, फर्जी आईकार्ड और बिना अनुमति के आठ टीचर परीक्षा केंद्र पर मिले हैं। नकल कराने के आरोप में 17 लोगों को हिरासत में लिया गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ चरथावल थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
डीएम-एसएसपी खुद करेंगे निरीक्षण
मुजफ्फरनगर। बोर्ड परीक्षा में नकल के खुलासे के बाद प्रशासन ने नकल विहीन परीक्षा के लिए नई नीति बना दी है। डीएम और एसएसपी खुद परीक्षा सेंटरों का निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा सीडीओ अर्चना वर्मा और एडीएम प्रशासन अमित सिंह को जोनल मजिस्ट्रेट बनाया गया है। एसडीएम और सीओ पेपर के समय सघन चेकिंग अभियान में सक्रिय रहेंगे।