दो दिन के भीतर जिले के दो गांवों में हुए सांप्रदायिक संघर्ष को लेकर कप्तान ने गंभीरता दिखाते हुए सभी थानेदारों को जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं। दंगे से निपटने वाले सभी सामान से लैस रखने, मिश्रित आबादी वाले गांव और मोहल्लों पर खास निगाह, गश्त बढ़ाने, शरारती तत्वों पर निगाह रखने, शांति समिति के लोगों से संपर्क रखने के लिए कहा गया है। सांप्रदायिक संघर्ष होने पर एसओ को पद पर नहीं रहने देने की चेतावनी दी गई है।
चरथावल के सिकंदरपुर में मंगलवार रात पाल और मुस्लिम फिर बुधवार रात दधेडू में दलित और मुस्लिमों के बीच हुए बवाल के मामलों को कप्तान ने गंभीरता से लिया है। सबसे पहले एसएसपी दीपक कुमार ने सभी थानेदारों को 24 घंटे अपने-अपने थानों की फोर्स को पूरी तरह से दंगों और संघर्ष से निपटने के लिए साजो-सामान से लैस रहने के लिए कहा है।
मथुरा और इलाहाबाद की घटना का उदाहरण देते हुए एसएसपी ने पुलिस से घटना वाली जगह पर फुलप्रूफ तैयार होकर जाने के निर्देश दिए हैं। मिश्रित आबादी वाले गांवों में अतिरिक्त सतर्कता और ज्यादा गश्त करने को कहा। ऐसी जगहों पर शरारती तत्वों पर कड़ी निगाह रखने और गड़बड़ होने पर तुरंत उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
पुलिस गांवों के प्रधान और जिम्मेदार लोगों से हर वक्त संपर्क रखे। शांति समिति के लोगों को जागरूक कर पुलिस का सहयोग करने के लिए कहा जाए। कप्तान का कहना है कि जिस भी एसओ के क्षेत्र में सांप्रदायिक बवाल होगा, वह अपने आपको पद पर सुरक्षित न समझे। एसओ की लापरवाही अगर सामने आई तो वह पद पर नजर नहीं आएगा।