मुजफ्फरनगर। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने कहा कि देश इस समय आर्थिक संकट से जूझ रहा है। बैंकों का एनपीए आठ लाख करोड़ पहुंच गया है। राजकोषीय घाटा लगातार बढ़ रहा है। आजादी के बाद पहली बार बेरोजगारी दर सबसे ज्यादा बढ़ी है। इंडस्ट्री, कृषि सबकी हालत खराब है। मोदी सरकार में भाषण फुल है, बाकी सब गुल है। अयोध्या पर न्यायालय का जो भी निर्णय होगा सभी को मान्य है।
मेरठ रोड पर कंपनी बाग स्थित रेस्टोरेंट में पत्रकारों से वार्ता में आलोक शर्मा ने कहा कि पूरा देश आर्थिक संकट से जूझ रहा है। सरकार की गलत नीतियों के चलते राजकोषीय घाट बढ़ रहा है। न खाऊंगा न खाने दूंगा का नारा देने वाले मोदी की सरकार में 25 हजार लोगों ने एक लाख 74 हजार 255 करोड़ हजम कर लिए हैं। जो ऋण इस सरकार ने वितरित किया, इनमें से 74 प्रतिशत में फ्राड हुआ है। कांग्रेस सरकार के समय के 2.5 लाख करोड़ एनपीए को लेकर पूरे देश में हल्ला किया गया, इस समय आठ लाख करोड़ एनपीए है।
उन्होंने कहा कि पीएमसी घोटाले में दस जानें जा चुकी हैं। विदेशी मुद्रा भंडार तीन वर्षों से लगातार घट रहा है। आरबीआई के तीन गवर्नर बदले जा चुके हैं। नोटबंदी नुकसानदायक सिद्ध हुई। नेशनल क्राइम ब्यूरो से किसानों की आत्महत्या की संख्या गायब कर दी गई। कृषि प्रधान देश में किसानों की आत्महत्या लगातार बढ़ रही है। बीते 15 वर्षों में इस समय कृषि विकास दर न्यूनतम पर है। 71 वर्षों के इतिहास में पहली बार चीन से फ्री ट्रेड की बात की जा रही है। विरोध के चलते सरकार को आरसीईपी के निर्णय से पीछे हटना पड़ा। चीन से व्यापार ढाई गुना बढ़ गया है। बीते 16 वर्षों में इंडस्ट्री की ग्रोथ सबसे कम पर है। कपड़े में बांग्लादेश आगे निकल गया। ऑटोमोबाईल का भट्ठा बैठ गया। जीडीपी की ग्रोथ पांच प्रतिशत पर आ गई है। राजकोषीय घाटा आठ प्रतिशत पर पहुंच गया है। बेरोजगारी का प्रतिशत 2.9 पर पहुंच गया है। जो अब तक का सबसे ज्यादा है। पत्रकार वार्ता में जिलाध्यक्ष हरेंद्र त्यागी, नगर अध्यक्ष जुनेद रऊफ, श्यामपाल चेयरमैन, नीरज माहेश्वरी, काजी सुल्तान, रिजवान, अब्दुल्ला आरिफ, राहुल भारद्वाज, सतीश शर्मा, बीबी गर्ग आदि मौजूद रहे।
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कांग्रेस दस दिन चलाएगी जागरूकता अभियान
मुजफ्फरनगर। कांग्रेस पांच से 15 नवंबर तक जनता को जागरुक करने को अभियान चला रही है। इसी कड़ी में पहले दिन पत्रकार वार्ता और दस दिन के कार्यक्रम की घोषणाएं कर रही है। छह और सात नवंबर को तहसील, ब्लाक, कचहरी, कॉलेज में पर्चा वितरण, आठ और नौ नवंबर को आर्थिक मंदी और सरकारी नीतियों के विरोध में नुक्कड़ सभाएं होंगी। दस नवंबर को बेरोजगारी के खिलाफ बर्तन के साथ मुख्य बाजारों में प्रदर्शन होगा। 11 नवंबर को महंगी शिक्षा के विरोध में प्रदर्शन और 12 एवं 13 नवंबर को किसानों की समस्याओं को लेकर अन्नदाता की सुनो चौपाल लगाई जाएगी। 14 नवंबर को नेहरू जयंती पर सेमीनार होगा। 15 नवंबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन के साथ जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया जाएगा।