सदियों से सर्वखाप पंचायतों की गवाह रही सोरम की धरती गुरुवार को जय जवान, जय किसान और जय पहलवान के नारों से गूंज उठी। सर्वसमाज को एकजुट करने की मुहिम छेड़ी गई। उत्तर भारत को एकजुट कर नए आंदोलन की तैयारी है। खापों के बीच समन्वय बनाए रखने के लिए अंतिम फैसले की गेंद अब कुरुक्षेत्र के पाले में रख दी गई।
खाप चौधरियों ने सोरम से एलान किया कि 40 दिन तक आंदोलन चलाना खिलाड़ियों की जीत हैं। वह आंदोलनकारी नहीं, बल्कि खिलाड़ी हैं। अब इस लड़ाई को सर्वसमाज लड़ेगा। एक तरफ सोरम में मंच सजा और दूसरी तरफ कुरुक्षेत्र में पंचायत की तैयारियां चल रही थीं। हरियाणा की अधिकतर खाप पंचायतें पहले कुरुक्षेत्र और फिर रोहतक पंचायत की तैयारियों में भी जुटी हुई हैं।