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शुकतीर्थ कार्तिक गंगा स्नान मेले में उमड़ा भक्ति का सैलाब

Fri, 23 Nov 2018 12:31 AM IST
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
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ganga fair - फोटो : अमर उजाला
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मोरना। शुकतीर्थ में कार्तिक गंगा स्नान मेले मेें भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा है। मुख्य गंगा स्नान आज सुबह होगा। श्रद्धालु गंगा स्नान कर भगवान को जल अर्पण कर दीप प्रज्वलित कर पूजा अर्चना करने में लगे हुए हैं। मीना बाजार में खरीदारी कर विभिन्न व्यंजनों का आनंद       उठा रहे हैं। शाम को श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों की शांति के लिए दीपदान किए। उधर, प्रशासन की ओर मेले में सुरक्षा के व्यापक      प्रबंध किए गए हैं।
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पौराणिक धर्मनगरी शुकतीर्थ में भक्ति की अविरल धारा स्वत: ही बढ़ती चली जा रही है। भजनों, उपदेश और कथाओं को सुनकर आत्मिक शांति को हृदय से महसूस कर पुण्य कमाने में लगे हुए हैं। गंगा घाट पर श्रद्धालुओं ने स्नान कर भगवान सुर्य को जल अर्पण कर भगवान शिव की दीपों से विशेष पूजा अर्चना की। मेले में आई महिला श्रद्धालुओं ने बैंडबाजों के बीच मंगल गीत गाते हुए कलश लेकर मां गंगा की पूजा कर पुरानी सांस्कृतिक परंपराओं को निभाया।

स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मीना बाजार में साज-सज्जा, खेल खिलौने आदि की खरीदारी की। इसके अलावा मेले में आए लोगों ने चाट पकौड़ी, मिठाई आदि व्यंजनों का स्वाद चखकर आनंद उठाया। बृहस्पतिवार को दोपहर अचानक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शासन प्रशासन के सामने यातायात व्यवस्था सुचारु रखने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। कई बार जाम की स्थिति से श्रद्धालुओं को दो चार होना पड़ा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सीओ भोपा राममोहन शर्मा व थाना प्रभारी डा. बीपी सिंह ने डॉग स्क्वॉड टीम के साथ गंगा घाट, मेला ग्राउंड, मीना बाजार, आश्रमों व धर्मशालाओं आदि में संदिग्ध वस्तुओं तथा स्थानों की गहनता से जांच पड़ताल की।  
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अनूठी संस्कृति का संगम
शुकतीर्थ (मोरना)। महामुनि शुकदेव की तपोभूमि पर कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले में भारत की अनूठी संस्कृति, रस्मों-रिवाज और सामाजिक सौहार्द की बिखरी छटा देख श्रद्धालु उल्लासित है। चंद्रमा की रोशनी में पूरा गंगा क्षेत्र श्रद्धा, भक्ति और आस्था के प्रवाह का साक्षी बन गया है। जिसको जहां बसेरा मिला, वहीं डेरा जमा चुका है। गंगा घाट पर पुरोहित ने मंत्रों पाठ के अनुष्ठान की पूर्णाहुति कराई। श्रद्धालुओं ने दान-दक्षिणा देकर पूर्वजों की स्मृति को याद किया।
गंगा क्षेत्र की पावन धरा पर बसी तंबू नगरी और तीर्थ के मंदिरों, धाम, धर्मशालाओं में देर रात तक 20,000 से ज्यादा श्रद्धालु कार्तिक पूर्णिमा स्नान को पहुंच चुके है। चाहे शुकदेव सेतू के पार या शिव धाम, दुर्गा धाम से गंगा घाट तक गांव-गांव से पुण्य प्राप्ति को आये बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे जीवन की अमिट अनुभूति में खोए है। गंगा धारा से जुड़े मार्गों पर रविदास आश्रम, विश्वकर्मा मंदिर धर्मशाला, गणेश धाम, हनुमद्धम आदि में भक्तों का बसेरा है।
भागवत पीठ शुकदेव आश्रम में चार कथाओं में उमड़े श्रद्धालु भागवत का उपदेशामृत ग्रहण कर रहे हैं। साध्वी विश्वेश्वरी देवी को कथा में भागवत भक्त तल्लीन दिखे। वीतराग स्वामी कल्याणदेव के समाधि मंदिर में पुष्पांजलि अर्पित करना कोई नहीं भूलता। दिल्ली, मेरठ, बागपत, शामली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब आदि जगहों से श्रद्धालु शुकतीर्थ में गंगा स्नान को आए है।
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