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धार्मिक पर्यटन केंद्र बनेगी शुकदेव मुनि की तपोभूमि

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धार्मिक पर्यटन केंद्र बनेगी शुकदेव मुनि की तपोभूमि
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मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार शुकतीर्थ विकास परिषद के गठन की तैयारी में है। यूपी के बजट सत्र में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने महामुनि शुकदेव की तपोभूमि के विकास की चर्चा कर संकेत दे दिए हैं। पश्चिम में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने को शुकतीर्थ को सूबे के पर्यटन विभाग ने भी विशेष योजना में शामिल किया है।
उपेक्षित शुकतीर्थ को योगी सरकार ने पश्चिम का सबसे बड़ा धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की ठान ली है। इसी तपोभूमि पर हस्तिनापुर के राजा परीक्षित को व्यास नंदन शुकदेव मुनि ने जीवनदायिनी श्रीमद्भागवत कथा सुनाई थी। आदिकाल से जीर्ण-शीर्ण पड़े तीर्थ को जन सुलभ बनाने का संकल्प कर्मयोगी वीतराग स्वामी कल्याणदेव ने पूरा किया, लेकिन प्रदेश सरकारों ने कभी खास रुचि नहीं ली। दो वर्ष पूर्व भागवतपीठ श्री शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद ने लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ से भेंट में शुकतीर्थ विकास बोर्ड के गठन की लिखित मांग रखी थी। पिछले वर्ष 14 जुलाई को शिक्षा ऋषि की 15 वीं पुण्यतिथि पर शुकतीर्थ पहुंचे मुख्यमंत्री ने स्वामी ओमानंद से बोर्ड गठन पर गंभीरता पूर्वक विचार करने पर सहमति जता दी। योगी कैबिनेट की बैठक में भी यह मुद्दा रखा गया। पर्यटन विभाग ने शुकतीर्थ विकास परिषद के गठन का पूरा प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसकी विधिवत घोषणा होना बाकी है। शुकतीर्थ को पश्चिम में धार्मिक पर्यटन का मुख्य केंद्र बनाने की योजना इसलिए भी है, क्योंकि भागवत कथा यज्ञ सप्ताह को देश-विदेश से श्रद्धालु यहां वर्षभर आते रहते है। गंगा क्षेत्र में बसी तीर्थ नगरी में साल में चार गंगा स्नान मेले लगते हैं। तीर्थ में शुकदेव आश्रम, दंडी आश्रम, हनुमतधाम, शिव धाम, दुर्गा धाम, सच्चा धाम आदि मुख्य मंदिर और आध्यात्मिक केंद्र हैं।
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भागवक्त का मुख्य केंद्र है शुकतीर्थ : ओमानंद
मोरना। श्री शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद कहते हैं कि शुकतीर्थ विकास बोर्ड के गठन की पत्रावली वर्ष 2018 में सीएम योगी आदित्यनाथ को दी गई थी। शुकतीर्थ विकास परिषद का गठन होने से धार्मिक नगरी के विकास को नई योजना मिलेगी, जिनमें तीर्थ में ड्रेनेज व्यवस्था, सॉलिड वेस्ट, निर्मल गंगा की जल धारा लाने, शुकतीर्थ से गंगा किनारे हरिद्वार तक सड़क मार्ग निर्माण, एनएच-58 से शुकतीर्थ तक दो लेन सड़क बनाने आदि के प्रस्ताव आदि शामिल हैं। शुकतीर्थ विश्व भर के भागवक्त भक्तों की श्रद्धा, भक्ति का मुख्य केंद्र है।
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