दरअसल, 20 अगस्त को महिला के अश्लील फोटो वायरल किए गए थे। महिला थाने और साइबर सेल के चक्कर काटती रही। इसके बाद महिला ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया, जहां रविवार को अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मुजफ्फरनगर के भोपा थानाक्षेत्र में पुलिस की संवेदनहीन कार्यप्रणाली एक महिला को न्याय का भरोसा नहीं दे पाई और व्यवस्था से हार मान महिला ने जान दे दी। महिला द्वारा आत्महत्या के बाद इस मामले में इंस्पेक्टर दीपक चतुर्वेदी पर गाज गिर गई है। एसएसपी अभिषेक यादव ने कड़ी कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं भोपा थाने की कमान अब इंस्पेक्टर बाबू अत्री को सौंपी गई है।
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पुलिस का दावा है कि अश्लील फोटो वायरल करने के मामले में शुक्रवार को रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। यह रिपोर्ट भी पीड़िता के तहरीर देने के तीन बाद दर्ज की गई। रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी भी महिला को नहीं थी। बेटा दिलाने के संबंध में करीब डेढ़ माह पहले उसने थाने में तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस उसे कोर्ट जाने की सलाह देती रही।
दरअसल, 20 अगस्त को महिला के अश्लील फोटो वायरल किए गए थे। महिला थाने और साइबर सेल के चक्कर काटती रही। 24 अगस्त को उससे तहरीर ली गई और 27 अगस्त की रात में रिपोर्ट दर्ज की गई। परिजनों का कहना है कि महिला ने आत्महत्या करने की चेतावनी भी दी, उसे भी पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया।
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महिला की शादी करीब चार साल पहले हुई थी। महिला ने शनिवार दोपहर जहर खाया, परिजन उसे लेकर पहले सीएचसी भोपा पर पहुंचे, वहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई।
सीओ भोपा गिरिजाशंकर त्रिपाठी का कहना है कि पहले महिला अपने बेटे को दिलाने की मांग कर रही थी, लेकिन इसके लिए उसे कोर्ट जाने के लिए कहा गया था। अश्लील वीडियो वायरल करने के मामले मेंमुकदमा दर्ज कर लिया गया था, लेकिन इसी बीच महिला ने मौत को गले लगा लिया। आरोपियों की तलाश की जा रही है, बहुत जल्द उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।