खतौली। बीआरसी भैंसी में आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन तथा उत्तर प्रदेशीय शिक्षामित्र संघ के बैनर तले शिक्षामित्रों ने शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन किया। शिक्षामित्रों ने कोर्ट के निर्णय से आहत होकर राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग की है।
धरने में जाहिद अली ने कहा कि सरकारी वकीलों ने शिक्षामित्रों का वैध पक्ष प्रभाव पूर्ण तरीके से नहीं रखा, क्योंकि प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों को अध्यापक बनाने संबंधी सभी कार्य नियमानुसार किए हैं। लेकिन सभी दलीलों को दरकिनार करके एक पक्षीय फैसला सुनाया गया है।
राजेंद्र ने कहा कि शिक्षामित्रों को हताश व निराश होने की आवश्यकता नहीं है। जोगेंद्र राणा ने कहा कि शिक्षामित्र सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। मोहसीना ने कहा कि कोर्ट के फैसले से शिक्षामित्र सड़कों पर आ गए हैं। शाइस्ता प्रवीन ने कहा कि लगभग 20 शिक्षामित्रों ने अब तक आत्महत्या कर ली है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष बालेंद्र ने भी धरने का समर्थन किया। धरने क अध्यक्षता अध्यक्षता रजनी और संचालन इनाम सिंह चौहान ने किया। अरविंद कुमार, रईस अहमद, राजपाल सिंह आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
बीआरसी पर शिक्षामित्रों ने किया प्रदर्शन
जानसठ। समायोजन रद होने से क्षुब्ध होकर शिक्षामित्रों ने बीआरसी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को प्रेषित ज्ञापन में समायोजन बहाली की मांग की गई।
शिक्षामित्रों का कहना था कि कोर्ट के निर्णय से शिक्षामित्रों का भविष्य खराब हो गया है। अब उनके सामने रोजी-रोटी के लाले पड़ गए हैं। नारेबाजी करते हुए शिक्षामित्र तहसील पहुंचे।
नायब तहसीलदार देवेंद्र शर्मा के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। समायोजन रद करने का निर्णय वापस लेने की मांग की गई। मांग नहीं माने जाने पर इच्छा मृत्यु देने की इजाजत मांगी गई। विकास कुमार, मनोज कुमार, मोहम्मद खालिद, नीलम तोमर, सोनू, शबनम, प्रदीप, संगीता, रचना, शबाना, प्रतीभा रहे।