ललित कला की बारीकियों पर चर्चा की
मुजफ्फरनगर। सात दिवसीय ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय कला कार्यशाला में देशभर के कलाकारों ने प्रत्येक दिन देश-विदेश के कलाकारों द्वारा कला की नई- नई तकनीकों का डेमोस्ट्रेशन व प्रश्नोत्तरी के द्वारा ललित कला की बारीकियों पर चर्चा की गई। सभी ने अपनी मेधा से कला उत्सव को चार चांद लगा दिए। जिले के चार कॉलेजों में एसडी कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, डीएवी पीजी कॉलेज, जेकेपी पीजी कॉलेज, श्री कुंद कुंद जैन पीजी कॉलेज और खतौली शामिल रहे।
चारों कॉलेजों के ललित कला विभाग एवं चित्रकला विभागों ने वर्तमान माहौल को दृष्टिगत रखते हुए कला जगत के लिए उत्कृष्ट कार्यशाला कला उत्सव का आयोजन किया। कार्यशाला में मुख्य रूप से ईरानी व भारतीय कलाकारों का योगदान रहा। विपुल छाबड़ा संगीत शिक्षक, द एसडी पब्लिक स्कूल की मधुर आवाज में अनेकों श्लोक, दोहे व गजल के साथ कार्यक्रम में समा बांध दिया। संचालन डॉ वंदना वर्मा, डॉ रजनीश गौतम व डॉ अमित कुमार ने संयुक्त रूप से किया। सात दिवसीय इस कार्यशाला में अध्यक्ष के रूप में फोक आर्ट में कलाकार डॉ रामशब्द सिंह, पूर्व विभागाध्यक्ष जेवी जैन कॉलेज सहारनपुर, डॉ राजेंद्र सिंह पुंडीर अध्यक्ष, राज्य ललित कला अकादमी, लखनऊ, डॉ हिम चटर्जी चेयरमैन दृश्य कला विभाग, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला एवं मुख्य अतिथियों के रूप में शैल चोयल विश्वविख्यात कलाकार, नई दिल्ली, डा राम विरंजन, चेयरमैन ललित कला विभाग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय हरियाणा, 2020 में कला के क्षेत्र में पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त कर चुके व पूरे विश्व में भारतीय प्रिंट मेकिंग की अमूल्य पहचान बना चुके कलाकार श्याम शर्मा ने शिरकत की। कला उत्सव में संरक्षक डॉ सीमा जैन प्राचार्या जेकेपी पीजी कालेज, डॉ शशि शर्मा प्राचार्या डीएवी पीजी कालेज, डॉ सचिन गोयल प्राचार्य एसडी कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, डॉ नीतू वशिष्ठ प्राचार्या श्री कुन्द कुन्द जैन कॉलेज, खतौली रहे। विश्वविख्यात ईरानी मूर्तिकार माजिद हाघिघि के साथ अनेक भारतीय चित्रकारों एवं मूर्तिकारों डॉ सुनील कुमार विश्वकर्मा, विभागाध्यक्ष और अमूर्त चित्रकार देववृत आर्य ने लाईव डेमोस्ट्रेशन देकर कला जगत की अनेक जिज्ञासाओं को शांत करने का सफल प्रयास किया।