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खाद कारोबारी के चार हत्यारो को गैंगस्टर कोर्ट ने कारावास व जुर्माना की सजा सुनाई

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महिला सहित चार अभियुक्तों को सजा सुनाई
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मुजफ्फरनगर। गैंगस्टर कोर्ट ने महिला सहित चार गैंगस्टर को सात-सात वर्ष का सश्रम कारावास के साथ जुर्माना की सजा सुनाई है। शहर के प्रतिष्ठित कारोबारी के छोटे भाई की फिरौती लेकर हत्या करने वाले गिरोह में शामिल महिला सहित चार अभियुक्त को गैंगस्टर कोर्ट से सात-सात साल का सश्रम कारावास और 20 -20 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया गया है। इस मामले ेमं अभियुक्त चोटी शर्मा उर्फ नीरज, निवासी मटिया महल सहारनपुर, मंजीत निवासी सैनिक कॉलोनी रुड़की, काजल पत्नी अखिल दत्ता निवासी राजेंद्र नगर देहरादून, सुलेमान निवासी पनियाला और रुड़की शामिल हैं।
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संयुक्त निदेशक अभियोजन ओम प्रकाश मिश्रा ने बताया कि छह फरवरी 2009 को थाना नई मंडी में खाद कारोबारी रघुराज गर्ग ने तहरीर दी थी कि उसका छोटा भाई मदन कुमार 4 फरवरी 2009 को करीब दोपहर 1.30 बजे अपनी पत्नी से यह कहकर कि मुझे एक काजल नाम की लड़की और सत्तार नाम का व्यक्ति जो अपने आप को किसी विधायक का भाई बताता है जरूरी काम से रुड़की में बुलाया है, उससे मिलना जरूरी है। मदन अपनी कार लेकर रुड़की के लिए घर से चला गया, लेकिन उसके बाद वापस नहीं आया। पुलिस ने अपहरण का अभियोग पंजीकृत का कार्रवाई शुरू की। अगले दिन रघुराज ने अपने छोटे भाई मदन के घर में उसके रखे दस्तावेजों की जानकारी की तो मालूम हुआ कि मदन की चेक बुक गायब मिली। यह भी मालूम हुआ कि मदन के घर से जाने के अगले दिन मदन के बैंक खाते से पंजाब नेशनल बैंक सहारनपुर की शाखा से 20000 निकाले गए और उसके चार दिन बाद 9 फरवरी को फिर से उसके चेक के माध्यम से 5500 रुपये निकाले गए, जबकि मदन के अपहरण के अगले दिन छह फरवरी को ही हत्या कर दी गई थी। लेकिन 9 फरवरी 2009 तक उसके खातों से पैसे निकाले जाते रहे। अपहरण के 12 दिन बाद मदन की लाश पुलिस ने रुड़की गंग नहर से बरामद की थी। पुलिस ने घटना में शामिल विजय शर्मा, सनी कश्यप, मनजीत, सुलेमान, चोटी शर्मा उर्फ नीरज, अखिल दत्ता और काजल को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया था। पुलिस ने इसके खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा भी दर्ज किया था। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी संदीप सिंह की प्रभावी पैरवी के उपरांत बुधवार को गैंगस्टर कोर्ट के न्यायाधीश राधेश्याम यादव ने गैंग में शामिल काजल सहित चार अभियुक्त मनजीत खोखर, सुलेमान, नीरज मिश्रा उर्फ चोटी शर्मा, को गिरोह बनाकर अपराध कार्य करने का दोषी पाते हुए सजा और जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने अखिल दत्ता और विजय शर्मा को गैंग का सदस्य नहीं माना और बरी कर दिया। जबकि अन्य अभियुक्त सनी कश्यप पहले ही अपना जुर्म इकबाल कर सजा पा चुका था। इस घटना में आज जिन चार अभियुक्तों को गैंगस्टर कोर्ट ने सजा सुनाई है। उन्हें जनपद अदालत वर्ष 2014 में कत्ल के जुर्म में आजीवन कारावास व जुर्माना की सजा सुना चुकी है।
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