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‘दुकान बिकाऊ हैं’ के पोस्टर देख अफसरों की क्लास ली

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‘दुकान बिकाऊ हैं’ के पोस्टर देख अफसरों की क्लास ली
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मोरना (मुजफ्फरनगर)। बदमाशों के खौफ के चलते मोरना मिनी कैराना बनने की राह पर है। शिकायतों के बावजूद बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई न होने से कस्बे के कई व्यापारियों ने प्रतिष्ठानों पर ‘दुकान बिकाऊ हैं’ के पोस्टर भी चस्पा कर दिए हैं। इसे लेकर जहां, केंद्रीय राज्यमंत्री ने अफसरों को आड़े हाथ लिया, वहीं व्यापारियों की भी सीओ व इंस्पेक्टर से नोकझोंक हुई। कप्तान की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए गए।
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कस्बे के मेन बाजार में दवा विक्रेता अनुज कर्णवाल की हत्या के बाद व्यापारी वर्ग नाराज है। शनिवार को केंद्रीय पशुधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान के समक्ष व्यापारियों का गुस्सा उजागर भी हुआ। मोरना व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने केंद्रीय राज्यमंत्री को आरोपियों द्वारा आए दिन दुकानदारों से फ्री में जबरन सामान ले जाने और धमकियां देने का आरोप लगाया। बताया कि विरोध करने पर सरिया व्यापारी शरीफ अंसारी, आटा कारोबारी आशीष, ओपीराम व सुशील आदि पर हमले हो चुके हैं, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। इससे आहत कई व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों पर ‘दुकान बिकाऊ हैं’ के पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। ऐसे ही कुछ पोस्टर देख केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ बालियान ने सीओ सोमेंद्र सिंह नेगी व इंस्पेक्टर संजीव कुमार को आड़े हाथ लिया। अफसरों द्वारा डॉ बालियान के समक्ष इस तरह की शिकायतें नहीं मिलने की बात कहे जाने पर गुस्साए व्यापारियों की सीओ व इंस्पेक्टर से तीखी नोकझोंक भी हुई। इसे लेकर डॉ संजीव बालियान ने सीधे तौर पर पुलिस-प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि व्यापारी वर्ग को किसी भी सूरत में पलायन नहीं करने दिया जाएगा। यदि व्यापारी वर्ग ने पलायन किया तो पुलिस व अफसर भी जनपद से पलायन करने के लिए तैयार रहें। इसके बाद डॉ बालियान के अनुरोध पर दुकानदारों ने अपनी दुकानों से ‘दुकान बिकाऊ हैं’ के पोस्टर हटाए। इस दौरान डॉ वीरपाल निर्वाल, अमित राठी, अर्जुन तोमर, हरीश राठी, ज्ञानेंद्र गुर्जर, अजय कृष्ण शास्त्री, डॉ वीरपाल सहरावत और ब्रजवीर डायरेक्टर आदि मौजूद रहे।
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