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वेटलैंड में गैंडा के लिए तलाशी जा रही संभावनाएं

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हैदरपुर वेटलैंड का मैप। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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वेटलैंड में गैंडा के लिए तलाशी जा रही संभावनाएं
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मुजफ्फरनगर। हैदरपुर वेटलैंड में गैंडा पुनर्वास की भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह इलाका गैंडा के लिए अनुकूल है। यहां एक सींग वाले गैंडा को रखकर उनका संरक्षण एवं संवर्धन किया जा सकता है। वन अफसरों के साथ ही अन्य विशेषज्ञ यहां सर्वे कर रहे हैं। यदि सब कुछ ठीकठाक रहा तो भविष्य में इस क्षेत्र में एक सींग वाले गैंडा को पुनर्वासित किया जा सकता है।
मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे पर गंगा बैराज के पास स्थित हैदरपुर वेटलैंड स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों से गुलजार रहता है। यह क्षेत्र करीब तीन हजार एकड़ में फैला है। झील से पूर्व दिशा में गंगा है, जबकि पश्चिम दिशा में हैदरपुर और निजामपुर का आरक्षित वन क्षेत्र है। यह क्षेत्र जैव विविधता से भरा हुआ है। इसलिए यहां पर बायो डायवर्सिटी पार्क बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। 4.43 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट शासन स्तर पर लंबित है। विश्व वेटलैंड दिवस पर हुए दो दिवसीय बर्ड फेस्टिवल में वेटलैंड के विकास एवं संवर्धन कार्य, जैव विविधता की संभावनाओं तथा वेटलैंड को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने के लिए मंथन किया गया। मंडलायुक्त सहारनपुर संजय कुमार, सीएफ वीके जैन, डीएफओ सूरज के अतिरिक्त अन्य पक्षी, वन्यजीव एवं पर्यावरण विशेषज्ञों ने वेटलैंड में गैंडा के पुनर्वास पर भी चर्चा की। यहां पर परिस्थितियां गैंडा के लिए अनुकूल हैं। सीएफ वीके जैन ने बताया कि वेटलैंड में गैंडा पुनर्वास की पूरी संभावना है, लेकिन इस बारे में अभी ज्यादा कुछ कहना जल्दबाजी होगी। विशेेषज्ञ सर्वे कर रहे हैं। परिस्थितियां भी अनुकूल हैं, लेकिन योजना को परवान चढ़ाने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा।
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तीन साल पहले भी हुए थे प्रयास
हस्तिनापुर सेंचुरी में भारतीय गैंडा पुनर्वास की योजना पर 2017 में भी काम हुआ था। मेरठ के तत्कालीन मुख्य वन रक्षक की देखरेख में बिजनौर बैराज से शुक्रताल (अब शुकतीर्थ) तक करीब 7400 हेक्टेयर क्षेत्र गैंडों के लिए आरक्षित करने की योजना बनी थी। विशेषज्ञों ने भी इस स्थान को अनुकूल माना था, लेकिन इस पर आगे काम नहीं हुआ।
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असम के काजीरंगा में हैं सबसे ज्यादा गैंडा
देश में सबसे ज्यादा गैंडा असम के कांजीरंगा नेशनल पार्क में हैं। असम में देशभर में पाए जाने वाले गैंडों की लगभग 85 प्रतिशत संख्या है।
पक्षियों की 40 और प्रजातियों की पहचान
बर्ड फेस्टिवल के दौरान हैदरपुर वेटलैंड में स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की 40 और प्रजातियों की पहचान की गई है। बीते वर्ष हुए आयोजन के दौरान यहां पर 227 प्रजातियों की मौजूदगी पाई गई थी। पक्षियों की संख्या बढ़ना इस क्षेत्र के विकास के लिए अच्छा संकेत है।
वेटलैंड की विशेषता...
- जून से जनवरी तक झील का जलस्तर 10 से 20 फीट रहता है।
- मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे से मात्र 500 मीटर की दूरी।
- वेटलैंड में पक्षियों की 267 प्रजातियों की हुई पहचान।
- 75 से 100 तक बारहसिंघा की मौजूदगी।
- गंगा नदी में कछुओं की करीब 13 प्रजातियां मौजूद।
- डाल्फिन एवं घड़ियाल आदि की मौजूदगी।
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