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Muzaffarnagar News: घर से स्कूल था दूर, सफर में तपकर कुंदन बन गईं बेटियां

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अमर उजाला ब्यूरो
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मुजफ्फरनगर। यूपी बोर्ड के नतीजों में बेटियों ने शिक्षा पर अपनी बादशाहत साबित कर दिखाई। मुश्किलों से नहीं हारीं। संसाधनों की कमी भी बेटियों को नहीं रोक पाई। जिले की मेरिट में स्थान बनाने वाली बेटियों ने रोजाना छह से 10 किमी का सफर किया। कोई साइकिल पर पहुंची, किसी ने ई-रिक्शा पकड़ी तो किसी को स्कूल की बस का सहारा मिला। सोरम की दिशा प्रजापति ने 10वीं कक्षा में जिला टॉप किया। बिटिया को रोजाना गांव से शाहपुर आने जाने में करीब पांच किमी का सफर ई-रिक्शा से करना पड़ता था। मजदूर परिवार की बेटी के पहाड़ जैसे हौंसले से मुश्किलें हार गई। 12वीं की मेरिट में पहले पायदान पर रहीं अवनी सैन ने 90.40 प्रतिशत अंक हासिल किए। छात्रा को अपने गांव दूधाहेड़ी से रोजाना मंसूरपुर तक आने-जाने में पांच किमी का सफर तय करना पड़ा। पिता मनोज कुमार कहते हैं कि बिटिया ने कभी न खुद हिम्मत हारी और न ही हमें हारने दी।
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कक्षा 12 की मेरिट में दूसरे स्थान पर रहीं राजकीय इंटर कॉलेज बुड़ीना कलां की छात्रा दीपा चिरौली गांव की रहने वाली है। स्कूल आने जाने में रोजाना करीब सात किमी का सफर साइकिल से करना पड़ा। होनहार के जुनून के सामने सफर की मुश्किलें हार गई।
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