खतौली निवासी प्रोफेसर अरुण गोयल।
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खतौली। भाजपा, विहिप और बजरंग दल के नेताओं ने अयोध्या में राममंदिर निर्माण के लिए बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। लोगों ने आंदोलन को धार देने के लिए अपनी गिरफ्तारी देकर दीपावली और भैयादूज जैसे त्योहार जेल में ही मनाए थे। ऐसे आंदोलनकारियों की कुर्बानी रंग लाई है। काफी लंबे समय बाद मंदिर निर्माण का सपना पूरा होने जा रहा है।
रेलवे रोड निवासी प्रोफेसर अरुण गोयल को 1988 में बजरंग दल खतौली के संस्थापक नगर अध्यक्ष बनाए गए थे। 28 सितंबर 1989 को श्रीराम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका अदा कर रहे प्रोफेसर अरुण गोयल को जानसठ रोड से दोपहर एक बजे खतौली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। उन्हें मंसूरपुर थाने ले जाकर हथकड़ी लगाकर बुलंदशहर जेल भेज दिया था। बुलंदशहर जेल में प्रथम दिन बहुत मायूस हुए। फिर जब कई साथी जेल में मिल गए, तो वे वहां पर भी श्रीराम मंदिर आंदोलन की बात करने लगे। जेल में संघ की शाखा भी लगती थी। आंदोलन से जुड़ी बुलंदशहर जनपद की महिलाओं ने जेल में आकर त्योहार मनाया और सभी आंदोलनकारियों को टीका किया। 23 दिन बुलंदशहर जेल में रहने के बाद उन्हें मुजफ्फरनगर जेल में भी पांच दिन बंद रखा गया।