मुजफ्फरनगर। पालिका सभासदों ने एलान किया है कि अगर आईआईए अध्यक्ष एवं सभासद विपुल भटनागर को पुलिस ने छुआ तो सभासद सामूहिक इस्तीफा दे देंगे। बेवजह पुलिस और प्रशासन का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने बिना जांच सभासद प्रवीण पीटर को जेल भेजा है।
शहर के मेरठ रोड स्थित होटल में भाजपा सभासद दल के नेता प्रेमी छाबड़ा के नेतृत्व में जुटे सभासदों ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा दर्ज कराया गया मुकदमा एकतरफा कार्रवाई है। स्वास्थ्य अधिकारी ने जो आरोप लगाये वह गलत हैं। पीटर ने सदन में माफी मांग ली थी, जिसके बाद यह मामला वहीं पर निपटा दिया गया था।
सभासद प्रेमी छाबड़ा और नामित सभासद राजू त्यागी ने कहा कि सभासदों को जनता की समस्याओं को उठाने का पूरा अधिकार होता है। सभासद प्रवीण पीटर व अन्य सभासदों ने सार्वजनिक तौर पर सभी के बीच सदन में माफी मांग ली थी, लेकिन द्वेष भावना रखते हुए नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा.ॅ अतुल कुमार ने गलत तथ्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज करा दिया, जो कि सही नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे फर्जी मुकदमों से डरकर सभासद जनहितों की लड़ाई लड़ना बंद नहीं करेंगे।
पुलिस का रवैया खराब रहा, पहले निष्पक्ष जांच होनी चाहिए थी। क्योंकि विवाद के दौरान की वीडियो भी मौजूद है, विपुल भटनागर ने तो बीच बचाव किया था। प्रवीण पीटर के साथ नाइंसाफी हुई, इस लड़ाई में हम सभी एकजुट और साथ खड़े हुए हैं। यह केस यदि जिला प्रशासन द्वारा खत्म नहीं कराया गया तो हम सभी 54 सभासद एक साथ अपना इस्तीफा जिलाधिकारी को सौंप देंगे। इस दौरान सभासद अरविंद धनगर, अब्दुल सत्तार, परवेज आलम, नवनीत कुच्छल, अहमद अली, सरफराज आलम, नदीम खां, सलीम अंसारी, हनी पाल, अमित बॉबी के अलावा सभासद पति नौशाद कुरैशी, मुनीश कुमार, अन्नू कुरैशी, उमर एडवोकेट भी मौजूद रहे।
बयान दर्ज कराने पहुंचे सभासद, सीओ नहीं मिले
दो सभासदों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में एक सभासद की गिरफ्तारी हो चुकी। प्रकरण की जांच सीओ सिटी कर रहे हैं। सोमवार को बयान दर्ज कराने के लिए सभासद पहुंचे, लेकिन सीओ नहीं मिले। छाबड़ा ने बताया कि इस मुकदमे की विवेचना सीओ सिटी द्वारा ही की जा रही है, आज हम सभी सभासद सीओ को एक नवंबर की घटना को लेकर दर्ज मुकदमे में अपने बयान देने के लिए पहुंचे थे, ताकि उनको सच्चाई से अवगत कराया जा सके।
चेयरपर्सन से नहीं हो सकी मुलाकात
सभासदों ने बताया कि चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल से मिलकर सामूहिक रूप से इस्तीफा देने की भी योजना थी, लेकिन चेयरपर्सन पारिवारिक कार्यक्रम में जिले से बाहर होने के कारण नहीं मिल पाई। उधर, चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल खुलकर सभासदों के साथ खड़ी हो गई है। उन्होंने जिला कारागार पहुंचकर पीटर से भी मुलाकात की थी।
मुकदमे पर सवाल पूछा तो खामोश हो गए कपिल देव
राज्य मंत्री कपिलदेव अग्रवाल भाजपा सभासद विपुल के घर पहुंचे और दो घंटे वहां पर रहे। राज्य मंत्री ने विपुल भटनागर को विश्वास दिलाया कि उनके साथ अन्याय नहीं होगा। इस बीच विपुल भटनागर की पत्नी ने राज्य मंत्री से सवाल किया कि जब वह मंत्री है तो मुकदमे में आईआईए अध्यक्ष का नाम कैसे आ गया। इस पर वह मौन ही रहे।