वैदिक संस्कार चेतना केंद्र पर वानप्रस्थी धर्म मुनि को सम्मानित करते गुरुदत्त आर्य।
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मुजफ्फरनगर। वैदिक संस्कार चेतना केंद्र पर वानप्रस्थी धर्म मुनि को आर्य समाज द्वारा सम्मानित किया गया। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि परिवारों को यज्ञ और योग से जोड़िए। वैदिक ज्ञान ही सत्य है।
संतोष विहार में वेद मंत्रोच्चार से यज्ञ के उपरांत वानप्रस्थी धर्म मुनि का आर्य समाज की उत्कृष्ट सेवाओं के लिए आचार्य गुरुदत्त आर्य ने अभिनंदन किया। आचार्य ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए प्रत्येक परिवार यज्ञ और योग से जुड़े। श्रेष्ठ लोगों की संगति ही सत्संग हैं। कुसंगति से जीवन बर्बाद हो जाता है। सत्य, न्याय, ईमानदारी, अनुशासन और सदाचरण से ही जीवन सुखमय, समृद्ध बनता है।
अभिभावक परिवार में वेद, रामायण, गीता जैसे ग्रंथ रखे और युवाओं को पढ़ने के लिए प्रेरित करें। गजेंद्र राणा, डॉ. सतीश आर्य ने प्रेरक भजन सुनाया। जिला आर्य प्रतिनिधि सभा प्रधान आनंद पाल सिंह आर्य, कल्याणकारी इंटर कालेज बघरा के पूर्व प्रवक्ता गजेंद्र पाल सिंह, प्रधानाचार्य विजय कुश ने विचार रखे। मौके पर आरपी शर्मा, अनिल आर्य, सुधीर आर्य, पूर्व प्रवक्ता सोमपाल आर्य, पुष्पेंद्र आर्य, राजेंद्र प्रसाद, देवांश आर्य को वैदिक साहित्य भेंट किया।