फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बोले शिक्षाविद् चंद्रमोहन, युवाओं में राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना जागृत नहीं कर पाए

विज्ञापन
खतौली के गांव भूपखेड़ी स्थित परमानंद आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोग। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
विज्ञापन
खतौली। समाजसेवी एवं शिक्षाविद डॉ चंद्रमोहन शर्मा ने कहा कि यदि युवाओं को सही दिशा, सुसंस्कारित शिक्षा व रोजगार मिल जाए तो वह क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकते हैं। आजादी के इतने साल बाद भी युवाओं में राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना पैदा नहीं कर पाए।
विज्ञापन

भूपखेड़ी स्थित परमानंद आश्रम में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया गया। मुख्य वक्ता डॉ चंद्रमोहन शर्मा ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य तभी उज्ज्वल होता है, जब वह अपने अतीत के अनुभवों से अपनी विरासत से जुड़ा होता है। अपने स्वाभिमान व बलिदान की परंपराओं को अपनी अगली पीढ़ी को सिखाता है तथा उन्हें प्रेरित करता है। विगत 74 वर्ष में हम युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित नहीं करा पाए, उनमें राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना जागृत नहीं कर पाए। क्रांतिकारियों के बलिदानों की गाथाओं को नहीं बता पाए। उसी का परिणाम है भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों को आतंकवादी तक कह डाला गया।
उन्होंने क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों को स्मरण करते हुए कहा कि खतौली के पंडित सुंदर लाल, जड़ौदा पांडा के झंडू दत्त उर्फ परमहंस राजरत्न महाराज, महाशय गंगा सहाय, रतनपुरी के कल्लू पुत्र मूलराज, कल्लू पुत्र ज्वाला सिंह, भैंसी के कुंदन लाल, लिसौड़ा के खजान सिंह, चरथावल के दूधली से लक्ष्मीचंद, आत्माराम आदि अनेकों स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान की सराहना की। गौरवानंद, सतपाल, डॉ अनिलष कुमार, दिनेश कुमार आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता गौरवानंद महाराज तथा संचालन दिनेश ने किया। सुरेश भगत, आशुतोष शर्मा, शेखर, आदित्य आदि का सहयोग रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें