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जाति और मूल निवास प्रमाणपत्र के लिए मारामारी

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सदर तहसील में प्रमाण पत्र न बनने पर तहसील दार से शिकायत करते नागरिक। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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जाति और मूल निवास प्रमाणपत्र के लिए मारामारी
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मुजफ्फरनगर। जिले में जाति और मूल निवास प्रमाणपत्र को लेकर तहसीलों में मारामारी मची हुई है। जिले की सबसे बड़ी तहसील सदर में सोमवार को भी एसडीएम और तहसीलदार के ऑफिस पर लोगों की लंबी लाइनें लगी रहीं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर अब पूरा खेल जाति और मूल निवास प्रमाणपत्र का चल रहा है। जिन गांवों में अंतिम समय पर आरक्षण में बदलाव हुआ है। उनमें जाति और मूल निवास प्रमाणपत्र की समस्या खड़ी हो गई है। कुछ जातियों को लेकर जिले में असमंजस की स्थिति है। हिंदू जुलाहा कोरी जाति के लोगों को कहीं पर एससी तो कहीं पर पिछड़ी जाति का प्रमाणपत्र जारी किया जा रहा है। एक ही परिवार में अजीब स्थिति बनी है। बेटे का एससी का प्रमाणपत्र जारी कर दिया और पिता के आवेदन को रिजेक्ट कर दिया। एसडीएम दीपक कुमार और तहसीलदार जयेंद्र के यहां इस प्रकार के मामले लगातार आते रहे। कुछ लोग इस बात से परेशान नजर आए कि उन्हें कई दिन पूर्व एप्लाई करने के बाद भी प्रमाण पत्र नहीं मिला है।
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इनकी भी सुनो
- पचेंडा कलां के धर्मेंद्र का कहना है कि उसके बेटों का कोरी का अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र तहसील से जारी हो गया और उसकी रिक्वेस्ट को रिजेक्ट कर दिया गया है। वह कई दिन से तहसील के चक्कर काट रहा है।
- तेजलहेड़ा की सुरेशवती का जाति प्रमाणपत्र मायके से जांच होकर आने के बाद भी नहीं बना है। वह हरिद्वार जिले की रहने वाली है। उसने जाति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया तो मायके से रिपोर्ट मांगी गई। रिपोर्ट के बाद भी प्रमाणपत्र जारी नहीं हुआ।
- पचेंडा कलां के पुष्पेंद्र का कहना है कि उसके पूरे परिवार के अनुसूचित जाति के प्रमाणपत्र हैं। उसे चुनाव लड़ना है तो उसका आवेदन निरस्त कर दिया गया। यह समझ में नहीं आ रहा है कि तहसीलकर्मी चाहते क्या हैं।
- शामली के ताना गांव के उपेंद्र अपनी पत्नी ममता की जाति के लिए रिपोर्ट लगाने आए थे। पत्नी बघरा के मुरादपुरा गांव की है। पत्नी के सभी प्रमाणपत्र एससी के हैं। लेखपाल ने उससे जो मांगा वह भी दे दिया रिपोर्ट लगाकर पूरी फाइल अपने पास रख ली। समस्त दस्तावेज देने के बाद भी उसे परेशान किया जा रहा है।
- ढिंढावली की ममता का कहना है कि वह मूल रूप से हमीरपुर की रहने वाली है। वह अनुसूचित जाति की है और उसकी शादी जाट के साथ हुआ है। उसने जाति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था। हमीरपुर से रिपोर्ट लगकर आने के बाद भी प्रमाणपत्र जारी नहीं हो रहा है।
भाकियू अंबावता ने किया प्रदर्शन
मुजफ्फरनगर। भाकियू अंबावता के कार्यकर्ताओं ने जाति प्रमाण पत्रों को बनाने में हो रहे खेल के विरोध में तहसील सदर में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने तहसील में चल रहे भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की। जिलाध्यक्ष शाह आलम ने कहा कि आम जनता का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों और कर्मचारियों की जाति और मूल निवास प्रमाणपत्र जारी करने को कोई पॉलिसी नहीं है।
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ऑफलाइन, ऑनलाइन दोनों सुविधा
तहसीलदार सदर जयेंद्र कुमार ने दावा किया है कि उनके यहां जाति और मूल निवास प्रमाणपत्रों में कोई देरी नहीं की जा रही है। जनता की सुविधा को देखते हुए ऑन लाईन के साथ ऑफ लाईन भी प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। सभी अधिकारी और कर्मचारी इसी काम में लगे हैं।

सदर तहसील में घरना देते भाकियू अम्बावत के कार्यकर्ता।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

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