फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बच्ची की मौत पर बरपा हंगामा, ग्रामीणों ने शव उठाने का किया विरोध

Tue, 30 Jan 2018 12:08 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
सड़क पर बच्ची का शव रखकर जाम लगाते परिजन। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
पुरकाजी के ग्राम भूराहेड़ी में गन्ने से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली के नीचे आकर छह वर्षीय मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे परिजनों में कोहराम मच गया। हादसे के विरोध में ग्रामीणों ने हंगामा प्रारंभ कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची।
विज्ञापन


पुलिस ने शव को कब्जे में लेने की कोशिश की, जिसका विरोध करते हुए ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली और चालक को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए शव उठाने से इंकार कर दिया। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लेकर चालक को गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत किया। 

सोमवार सायंकाल करीब पांच बजे गुलफाम की छह वर्षीय पुत्री मंतशा अपने घर के सामने दुकान से कुछ सामान लेने जा रही थी। इसी दौरान वहां से गांव का ही युवक गन्ने से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर जा रहा था। इसी दौरान मासूम बच्ची ट्रैक्टर-ट्रॉली के नीचे आ गई, जिसमें उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
विज्ञापन


इस घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली को लेकर मौके से फरार हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। ग्रामीणों ने आरोपी की गिरफ्तारी और मृतक आश्रित के मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर हंगामा कर दिया।

पुलिस ने  मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया। हालांकि ग्रामीण शव उठने देने से इंकार कर दिया। पुलिस ने चालक को जल्द ही गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर मामला शांत किया। पुलिस ने बच्ची के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 

एएनएम की मौत पर अस्पताल बंद
पुरकाजी। एएनएम की अचानक मौत हो जाने पर सोमवार को स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अस्पताल बंद कर दिया, जिससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। उर्मिला पुरकाजी अस्पताल पर एएनएम के पद पर तैनात थी।

सोमवार को अचानक उसकी मौत हो गई, जिसकी जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य कर्मियों में शोक छा गया। कर्मचारी अस्पताल बंद कर उसके अंतिम संस्कार में चले गए। इस दौरान अस्पताल में कस्बे एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मरीजों को बिना उपचार के दौरान लौटना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें