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घोटाले की जांच में नहीं हुए रिंकू सिंह राही के बयान

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जिला समाज कल्याण अधिकारी रिंकू सिंह राही। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में नहीं हुए रिंकू सिंह राही के बयान
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मुजफ्फरनगर। जिले में तैनात रहे पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी रिंकू सिंह राही पर हुए जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट ने चार आरोपियों को दस-दस साल की सजा सुनाई है, लेकिन जिस छात्र वृत्ति घोटाले का खुलासा करने पर उनपर हमला किया गया था, उसकी जांच गंभीरता से नहीं की गई। रिंकू सिंह राही का कहना है कि जांच कमेटियों ने उन्हें बयान देने के लिए भी नहीं बुलाया। सही से घोटाले की जांच होती तो यह 100 करोड़ रुपये भी अधिक का घोटाला निकलता। अब शासन ने इसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है और वह जांच जांच कर रही है।
फर्जी स्कूलों और फर्जी छात्र संख्या के आधार पर छात्र वृत्ति हड़पकर यह घोटाला किया गया। तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी रिंकू सिंह राही ने इसका खुलासा किया था। उस समय उन्होंने करीब 100 करोड़ रुपये का घोटाला होने की बात कही थी। शासन स्तर से दो बार इसकी जांच कमेटी गठित की गई। पहली कमेटी मेरठ की संयुक्त निदेशक समाज कल्याण अलका टंडन की अध्यक्षता में बनाई गई, इस समिति ने 20 करोड़ रुपये का घोटाला माना था। उनकी रिपोर्ट से शासन संतुष्ट नहीं हुआ और मेरठ मंडल के तत्कालीन मंडलायुक्त मृत्युंजय नारायण की अध्यक्षता में कमेटी गठित की। इस कमेटी ने दो वर्षों तक जांच की और इसे 50 करोड़ का घोटाला माना और इसके लिए 2012 में तैनात अधिकारी रामपाल यादव पर सारा ठीकरा फोड़ दिया।
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यह था मामला
मुजफ्फरनगर में आर्य समाज रोड पर 26 मार्च 2009 को पूर्व प्लानिंग ऑफिस में स्थित ऑफिसर्स कॉलोनी मेें रहने वाले जनपद में तैनात समाज कल्याण अधिकारी रिंकू सिंह राही बाइक से आए दो युवकों ने गोली मारकर घायल कर दिया था। उस समय बैडमिंटन खेल रहे थे और गोली लगने से उनका जबड़ा और एक आंख खराब हो गई थी। उनके भाई दिनेश राही ने मामले में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना की वजह घोटाले का खुलासा बताया था। पुलिस तफ्तीश में पूर्व सहायक लेखाकार अशोक कश्यप, प्रहलाद सिंह मुकंदपुर, अमित छोकर रामपुरम, बॉबी उर्फ पंकज गांधी कालोनी, सपा नेता मुकेश चौधरी, ब्रजमोहन उर्फ पिंकू तेजलहेडा, परमीत, आदेश ठाकुर मौहल्ला गऊशाला के नाम प्रकाश में आए। इस मामले में न्यायालय ने बृहस्पतिवार को अशोक कश्यप सहायक लेखाकार समाज कल्याण विभाग, प्रहलाद, अमित छोकर, बॉबी उर्फ पंकज को रिंकू सिंह राही पर जान लेवा हमला का दोषी करार देते हुएधारा 307 /34 के तहत दस-दस वर्ष का सश्रम कारावास और 20-20 हजार रुपया जुर्माना की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सपा नेता मुकेश चौधरी , ब्रजमोहन , परमीत , आदेश ठाकुर को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।
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