30 साल बाद लिया छोटे भाई की हत्या का बदला
जानसठ (मुजफ्फरनगर)। गांव अहरोड़ा के पूर्व प्रधान मांगेराम गुर्जर की हत्या 30 साल पूर्व हुए बिल्लू हत्याकांड का बदला लेने के लिए की गई थी। हत्यारोपियों ने शव की पहचान मिटाने के मकसद से पेट्रोल डालकर जला दिया था। पूर्व प्रधान के हत्यारोपी विजयपाल ने गिरफ्तारी के बाद यह खुलासा किया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
जानसठ थाना क्षेत्र के गांव अहरोड़ा निवासी पूर्व प्रधान मांगेराम गुर्जर (50) की बृहस्पतिवार सुबह दो गोलियां मारकर हत्या करने के बाद शव को पेट्रोल डालकर जला दिया गया था। घटना के समय वह खेतों पर जा रहा था। मृतक पूर्व प्रधान के बेटे युद्धवीर ने इस मामले में गांव निवासी विजयपाल व उसके दो बेटों नीशू और अंकुर के साथ ही एक भतीजे गोविंद के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शनिवार को पुलिस ने मुख्य हत्यारोपी विजयपाल को गिरफ्तार कर पूर्व प्रधान की हत्या के मामले का खुलासा कर दिया।
सीओ शकील अहमद ने बताया कि करीब 30 साल पूर्व गांव निवासी दरोगा जबर सिंह के छोटे बेटे बिल्लू की हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में पूर्व प्रधान मांगेराम गुर्जर के साथ ही गांव का ही मांगे पुत्र पीतम सिंह को जेल भेजा गया था। करीब ढाई साल तक जेल में रहने के बाद दोनों जमानत पर बाहर निकले, तो बेटे की हत्या से नाराज दरोगा जबर सिंह ने एक हत्यारोपी मांगे पुत्र पीतम सिंह की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद मांगेराम गुर्जर ने दरोगा से सार्वजनिक माफी मांगकर बमुश्किल अपनी जान बचाई थी। दरोगा ने बेटे के हत्यारोपी मांगेराम गुर्जर को भले ही माफ कर दिया हो, लेकिन उसके दो अन्य बेटों विजयपाल व अजयपाल के दिलों में मांगेराम गुर्जर को लेकर नफरत थी। सीओ ने बताया कि इसी रंजिश के तहत बृहस्पतिवार सुबह विजयपाल ने अपने दो बेटों नीशू व अंकुर व भतीजे गोविंद और एक अज्ञात के साथ मिलकर पूर्व प्रधान मांगेराम की हत्या कर शव को फूंक दिया था। सीओ ने बताया कि हत्यारोपी विजयपाल को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पहचान मिटाने के लिए हत्या के बाद फूंका था शव
जानसठ। गांव अहरोड़ा निवासी पूर्व प्रधान मांगेराम गुर्जर की हत्या करने के बाद आरोपियों ने उसके शव पर पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया था। आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने शव में लगी आग बुझाई थी। हत्यारोपी विजयपाल ने गिरफ्तारी के बाद बताया कि उनका मकसद हत्या करने के बाद शव की पहचान मिटाना था, ताकि कोई उसे पहचान न सके और किसी को उन पर शक भी न हो।
नहीं है हत्या का कोई अफसोस
जानसठ। मांगेराम गुर्जर के हत्यारोपी विजयपाल ने बताया कि उन्हें हत्या करने का कोई अफसोस नहीं है। मांगेराम ने हमारे छोटे भाई की 30 साल पूर्व हत्या की थी। नफरत की आग उनके दिलों में था। अब मांगेराम गुर्जर की हत्या कर भाई बिल्लू की हत्या का बदला ले लिया गया है।