मुजफ्फरनगर के मोरना कस्बे में विजयी प्रत्याशी के जुलूस में फायरिंग के दौरान बच्चे के घायल होने के मामले में निर्वाचित प्रधान पति समेत तीन लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। छानबीन शुरू कर दी गई है।
रविवार को ग्राम पंचायत चुनाव की मतगणना के बाद मोरना से प्रधान पद पर प्रत्याशी बनी शहजाद की पत्नी गुलशन को विजयी घोषित किया गया था। समर्थक कस्बे में ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस निकाल रहे थे और फायरिंग की जा रही थी। इस दौरान कस्बे की मेन रोड पर घर के बाहर खेल रहे अल्ताफ (13) को गोली लग गई थी। आनन-फानन में उसे प्राइवेट नर्सिंग होम के बाद जिला अस्पताल लाया गया।
सीओ सूक्ष्म प्रकाश ने बिना अनुमति के जुलूस निकालने के मामले में विजेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। सोमवार को प्रधान पति शहजाद, एजाज और इरफान के खिलाफ नाजायज रूप से असलहा रखने एवं जानलेवा हमले के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। मोरना चौकी इंचार्ज सुबोध वादी बने हैं। पुलिस का कहना है कि तफ्तीश शुरू कर दी गई है।
नतीजे के बाद दधेडू कलां में पीएसी तैनात
चरथावल। मतगणना में दधेडू कलां में रोमांचक मुकाबले में एक वोट से शहजाद की पत्नी कौसरजहां विजेता बनी। इस जीत पर प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी पूर्व प्रधान शमुसन्नी का ऐतराज है। मामला अलग-अलग बिरादरी से जुड़ा होने के कारण पुलिस सतर्क है। गांव में शांति व्यवस्था के मद्देनजर पीएसी तैनात की गई है। शहजाद पक्ष सिर्फ एक वोट से हुई जीत का जश्न नहीं मना सके।
दरअसल, दूसरा पक्ष पुनर्मतगणना कराने के लिए डीएम दफ्तर और कार्यालयों पर प्रदर्शन करने में जुटा है। जीत पर गांव में तनातनी है। खुफिया विभाग की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने गांव में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए बस स्टैंड तथा संवेदनशील स्थानों पर पीएसी तैनात की है। दूसरी तरफ, हर गांव में जीत का जश्न मन रहा है। जीत की खुशी में सोमवार को गांव-गांव में लड्डू खिलाने का सिलसिला चलता रहा। हालांकि हार के बाद दुश्मनी की आशंका के मद्देनजर चौकी के स्टाफ का सतर्क किया गया है। अति संवेदनशील प्लस गांवों में जीते और हारे प्रत्याशियों एवं उनके समर्थकों पर निगरानी की जा रही है।