मरीज की सूचना नहीं देने पर तीन चिकित्सकों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज
मुजफ्फरनगर। खांसी, बुखार एवं सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षणों के मरीज की सूचना नहीं देने पर सीएमओ ने तीन प्राइवेट चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। दाल मंडी में पॉजिटिव पाई गई महिला प्रवक्ता व उसके परिजनों का तीनों चिकित्सकों से उपचार कराया था।
दाल मंडी क्षेत्र में पुरुषार्थी मंदिर के पास रहने वाली एक महिला प्रवक्ता शनिवार को कोरोना पॉजिटिव मिली थी। रविवार को सुबह ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आसपास के क्षेत्र का सर्वे किया तथा महिला के संपर्क में आने वाले लोगों की सूची तैयार की। महिला के घर के आसपास के इलाके को सील कर दिया गया। महिला के परिवार तथा उसके संपर्क में आए 15 लोगों को आइसोलेट कर दिया गया है। आसपास के घरों पर क्वारंटीन का बोर्ड लगा दिया गया है। तीन चिकित्सक महावीर चौक पर डा. एमएल गर्ग, सदर बाजार में डा. हेमंत तथा भगत सिंह रोड पर डा. अरुण अरोरा को सुबह ही क्वारंटीन कर दिया गया। इसके बाद सीएमओ डा. प्रवीण चोपड़ा की ओर से उक्त तीनों चिकित्सकों के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। तहरीर में कहा गया है कि सभी निजी चिकित्सकों को निर्देश हैं कि खांसी, बुखार, सांस लेने में कठिनाई आदि लक्षणों वाले मरीजों की सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दी जाए, लेकिन तीनों चिकित्सकों ने कोरोना पॉजिटिव पाई गई महिला व उसके परिजनों का उपचार किया। कोरोना संदिग्ध लक्षण होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग को सूचना नहीं दी गई। शहर कोतवाल अनिल कपरवान का कहना है कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
मोबाइल मार्केट हुआ बंद
मुजफ्फरनगर। कोरोना पॉजिटिव पाई गई महिला अग्रवाल मार्केट महावीर चौक में मोबाइल की दो दुकानों पर गई थी। इसका पता लगते ही मोबाइल दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। अन्य कई दुकानों को भी बंद कर दिया गया है।
सैंपल के बावजूद महिला को नहीं किया क्वारंटीन
मुजफ्फरनगर। कोरोना के मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। कोरोना पॉजिटिव मिली महिला का करीब पांच दिन पहले सैंपल लिया गया था। कोरोना संदिग्ध की श्रेणी में आने के बावजूद उसे क्वारंटीन नहीं किया। वह लगातार मूवमेंट में रही। निजी चिकित्सक से अपना व परिजनों का उपचार कराया और बाजार में दुकानों पर भी गई। मुजफ्फरनगर आईएमए अध्यक्ष डा. रविंद्र जैन ने भी इसे लेकर सवाल खड़ा किया है। उनका कहना है कि यदि कोई चिकित्सक मरीज का उपचार कर रहा है तो इसमें गलत क्या है।
इन्होंने कहा...
- निजी डाक्टर्स प्रशासन की अपील पर ही चिकित्सा कार्य कर रहे हैं। यदि डाक्टर्स के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई तो इस मसले पर चुप नहीं बैठा जाएगा। चिकित्सक से बात कर यदि जरूरत पड़ी तो चिकित्सा सेवाएं बंद की जाएंगी।
- डा. रविंद्र जैन, अध्यक्ष, आईएमए, मुजफ्फरनगर।
- तीन चिकित्सकों के खिलाफ कोरोना संदिग्ध मरीज की सूचना नहीं देने पर तहरीर दी गई थी, लेकिन आईएमए पदाधिकारियों से बात करने के बाद इस मामले को वापस लिया जा रहा है।
- डा. प्रवीण चोपड़ा, सीएमओ।