खतौली। गांव अंतवाड़ा काली (नागिन) नदी का उद्गम स्थल है। नदी की साफ सफाई का कार्य बरसात से पहले ही मनरेगा के अंतर्गत कराया जा रहा है। इसका निरीक्षण बीडीओ खतौली ने करते हुए अधीनस्थों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
खतौली-जानसठ मार्ग पर पड़ने वाले गांव अंतवाड़ा से निकलने वाली काली नदी लुप्त हो गई थी, जिसका जीर्णोद्घार करने के लिए नीर फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने प्रयास किए थे। लुप्त हो चुकी काली नदी पर नीर फाउंडेशन ने सुंदरीकरण कराने का काम शुरू किया था। खुदाई के समय वहां से जल की धारा फूटी, जिसे देखकर ग्रामीण उत्साहित हो गए थे। काली नदी की साफ सफाई कराने के लिए प्रशासन ने भी गंभीरता दिखाई। डीएम ने मौके पर पहुंचकर नदी की साफ सफाई के निर्देश दिए, जिसके बाद काली नदी की भूमि पर किए गए कब्जों को हटाने का काम शुरू कर दिया गया था। कुछ समय बाद काली नदी का जीर्णोद्धार का कार्य रुक गया।
अब दोबारा बरसात आने से पहले ही काली नदी के जीर्णोद्धार का कार्य मनरेगा के तहत मजदूरों से कराया जा रहा है। काली नदी जहां-जहां से होकर जा रही है वहां की जिम्मेदारी सचिव और लेखपाल को दी गई थी। शुक्रवार को बीडीओ पवन विश्वकर्मा ने ग्राम पंचायत सचिव विजय शेखर के साथ नदी की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने और बेहतर कार्य कराए जाने के निर्देश दिए, जिससे धारा प्रवाहित हो सके।