फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गन्ने में रेड रॉट बीमारी का खतरा, किसान चिंतित

विज्ञापन
गांव कुतुबपुर दताना में वैज्ञानिक व अधिकारियों ने किया गन्ने के खेत का निरीक्षण। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
विज्ञापन
बुढ़ाना। क्षेत्र में गन्ने की प्रजाति को .0238 पर रेड रॉट (लाल सड़न) प्रकोप दिखाई देने से किसान चिंतित हैं। गांव नगवा और कुतुबपुर दताना के दो किसानों के खेतों में इस रोग के प्रकोप के दिखाई दिए हैं। जिसके बाद गन्ना विभाग अधिकारियों और कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के खेतों में जाकर निरीक्षण किया।
विज्ञापन

तहसील क्षेत्र के गांव नगवा निवासी चरण सिंह और कुतुबपुर दताना निवासी आशाराम किसानों के गन्ने खेतों में रेड रॉट बीमारी का प्रकोप दिखाई दिया। जिसके बाद जिला गन्ना अधिकारी आर डी द्विवेदी, गन्ना शोध केंद्र मुजफ्फरनगर के वैज्ञानिक अवधेश ड़ागर, गन्ना समिति के सचिव बी के राय के अलावा खतौली और भैसाना शुगर मिल के गन्ना महाप्रबंधक ने किसानों के खेतों पर जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण कर गन्ने में रेड रॉट बीमारी के लक्षण पाए थे। गन्ने समिति के सचिव बीके राय ने बताया कि कुछ गन्ने में यह बीमारी पहली स्टेज पर पाई गई थी। उन गन्नों को उखड़वा दिया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि रेड रॉट की बीमारी को गन्ने का कैंसर भी कहां जाता है। इस बीमारी के कारण गन्ना लाल हो जाता है। उसमें सड़न पैदा हो जाती है। गन्ना आयुक्त की ओर से जारी गाइड लाइन में कहा गया कि रेड रॉट (लाल सड़न) के प्रकोप से प्रभावित क्षेत्र में गन्ने का बीज बदला जाए। वर्षाकाल में रेड रॉट का प्रकोप अधिक होने की संभावना रहती है। खेत के एक कोने में यदि रेड रॉट बीमारी है, तो पानी देते ही वह पूरे खेत में फैल जाएगी। देखते ही देखते सारा खेत सूख जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें