बचाव पक्ष की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र शर्मा ने उनसे जिरह की। उनकी गवाही पूरी होने के बाद अगली तारीख 17 मार्च नियत की गई। सुनवाई के दौरान अदालत में सीबीआई के अधिवक्ता और उत्तराखंड समन्वय समिति के नामित अधिवक्ता अनुराग वर्मा मौजूद रहे।
काफी चर्चित रहा था मामला
एक अक्तूबर वर्ष 1994 की रात को उत्तराखंड की मांग के लिए आंदोलनकारी देहरादून से दिल्ली के लिए निकले थे। रात के समय रामपुर तिराहे पर पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज और फायरिंग की। सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। महिलाओं के साथ अभद्रता की गई थी। मुजफ्फरनगर के लोगों ने आंदोलनकारियों की मदद की थी। प्रकरण की सीबीआई जांच के आदेश 1995 में हुए थे।
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आज होनी है तीन मुकदमों में सुनवाई
सिविल जज सीनियर डिविजन फास्ट ट्रैक कोर्ट में मंगलवार को सरकार बनाम बृजकिशोर, सरकार बनाम राजेंद्र आदि और सरकार बनाम राजवीर के मुकदमों में सुनवाई होगी।