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रामपुर तिराहा कांड: अदालत में पेश हुए पूर्व गृह सचिव, अब 17 मार्च को होगी सुनवाई, काफी चर्चित था ये मामला

Mon, 27 Feb 2023 10:06 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर

सार

रामपुर तिराहा कांड : पूर्व गृह सचिव सोमवार को अदालत में पेश हुए। इस मामले में अब 17 मार्च को सुनवाई होगी। यह मामला काफी चर्चित रहा था।
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अदालत। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा कांड में सोमवार को पूर्व गृह सचिव दीप्ति विलास अदालत में पेश हुए। पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति देने वाले शासन में तत्कालीन गृह सचिव के गवाही हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने उनसे लंबी जिरह की।

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सिविल जज सीनियर डिविजन फास्ट ट्रैक कोर्ट मयंक जायसवाल की अदालत में रामपुर तिराहा कांड से जुड़े सीबीआई बनाम एसपी मिश्रा प्रकरण साक्ष्य के लिए नियत था।

उत्तराखंड राज्य की अलग मांग को लेकर जनपद के रामपुर तिराहा कांड दुनिया में सुर्खियों में आया था। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर महिलाओं के साथ बदसलूकी और आंदोलनकारियों के साथ मारपीट करने के मुकदमे कायम हुए थे।
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सीबीआई बनाम एसपी मिश्रा केस में शासन की ओर से पुलिस अफसरों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति देने वाले तत्कालीन गृह सचिव सेवानिवृत आईएएस दीप्ति विलास बयान देने के लिए अदालत में पेश हुए।

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बचाव पक्ष की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र शर्मा ने उनसे जिरह की। उनकी गवाही पूरी होने के बाद अगली तारीख 17 मार्च नियत की गई। सुनवाई के दौरान अदालत में सीबीआई के अधिवक्ता और उत्तराखंड समन्वय समिति के नामित अधिवक्ता अनुराग वर्मा मौजूद रहे।

काफी चर्चित रहा था मामला
एक अक्तूबर वर्ष 1994 की रात को उत्तराखंड की मांग के लिए आंदोलनकारी देहरादून से दिल्ली के लिए निकले थे। रात के समय रामपुर तिराहे पर पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज और फायरिंग की। सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। महिलाओं के साथ अभद्रता की गई थी। मुजफ्फरनगर के लोगों ने आंदोलनकारियों की मदद की थी। प्रकरण की सीबीआई जांच के आदेश 1995 में हुए थे।

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आज होनी है तीन मुकदमों में सुनवाई
सिविल जज सीनियर डिविजन फास्ट ट्रैक कोर्ट में मंगलवार को सरकार बनाम बृजकिशोर, सरकार बनाम राजेंद्र आदि और सरकार बनाम राजवीर के मुकदमों में सुनवाई होगी।
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