मुजफ्फरनगर में रामपुर तिराहा कांड में पीड़ितों से हथियारों की फर्जी बरामदगी के मामले में बचाव पक्ष की ओर से साक्ष्य कराया गया। सिविल जज सीनियर डिवीजन मयंक जायसवाल ने सुनवाई की।
उत्तराखंड संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा ने बताया कि सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में सीबीआई बनाम बृज किशोर की पत्रावली की सुनवाई हुई। बचाव पक्ष की ओर से प्रदीप शर्मा का साक्ष्य कराया गया। शामली के झिंझाना थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर रहे बृज किशोर सहित दो आरोपी है। आरोपी बृज किशोर और अनिल अदालत में पेश हुए, जबकि उमेश चंद शर्मा की ओर से हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया।