मोरना(मुजफ्फरनगर)। मानस मर्मज्ञ मोरारी बापू ने कहा कि आत्मा को कोई मार नहीं सकता। परम सत्य की खोज करने के लिए ऐसी दिव्य चेतना होनी चाहिए। गीता में लिखा है जन्म वाले की मृत्यु निश्चित है। जब वीर हनुमान लंका गए तो वहां पर विभीषण राम नाम जपते मिले। समय मिलते ही राम जपो। असत्य के बारे में सोचना बंद करो। राम, कृष्ण और शिव स्वयं परम सत्य हैं।
ध्यान और समाधि अवस्था परम सत्य है। राम कथा समिति की ओर से शुकदेव आश्रम में चल रही राम कथा में बापू ने कहा कि कथा सुनने से जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाएंगे। हमारे पास कम समय है श्रवण के गर्भ से सब भक्तियां प्रकट होती हैं।
कथा सुनने वालों को लोग ताना जरूर मारेंगे। काम की सार्थकता है भागवत सुन लें। जिसमें जगत भर का कल्याण हो ऐसी शुभ बातें कानों से श्रवण करनी चाहिए। जिस घर में नाम कीर्तन चलता रहता है संत ऐसे घरों का सेवन करते हैं।
उपासना तभी होती है जब वासना छूट जाए। वासना न छूटी हो तो उपासना का कोई लाभ नहीं। हम किसी के पास करुणा से बैठ जाए इसको उपासना कहते हैं। हम अपने आप को तलाशें, कथा सुनते सुनते आंखें भर जाएं आंसू आ जाएं पर्वत शिखर पर बैठे साधु आपके पास आएं साधना ऐसी होनी चाहिए। जो दुनिया में भेद नहीं करता वह साधु है।
मन से द्वेष मिटा दो। जिस कार्य में परमात्मा का नाम चिंतन न हो वह कार्य न करें। राम कथा सुनते सुनते समाधि अवस्था मिलना ब्रह्मसुख है। कमल के फूल के बिना भगवान का शृंगार अधूरा रहता है। मन से जिंदगी में तकरार मत करो, मन ब्रह्मसुख का आधार है मन से भगवान का भजन करो। विकार रहित मन ईश्वर को अतिप्रिय है।
राम चरित मानस का आधार वाल्मीकि रामायण से मिला है। जगत कल्याण के लिए विज्ञान की खोज करने वाले प्राचीन जगत के ऋृषि मुनि थे। विज्ञान सुख देता है और धर्म परम सुख देता है। विज्ञान प्रकाश का बड़ा केंद्र है। अध्यात्म और विज्ञान में क्या अंतर है।
विज्ञान गति और अध्यात्म सद्गति देता है ज्यादा सोचना बंद कर दो सिर्फ अभ्यास करो। गलत हाथ में विज्ञान आ गया। विज्ञान के दुरुपयोग से हुई थोड़ी चूक गति का विनाश करेगी।
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श्रीराम अनंत...राम ही सृष्टि
कौशल्या के पुत्र श्री राम अनंत हैं। जब कोई नहीं था तब राम थे, जब कोई नहीं रहेगा तब ही राम ही रहेंगे। राम ही सृष्टि हैं, राम ही साधना हैं और राम ही संपूर्ण हैं। राम के नाम से शोषण नहीं पोषण होगा। लक्ष्मण शेष हैं उसको कोई काट नहीं सकता है, जिसके नाम से शत्रुओं का विनाश हो वही शत्रुघ्न है। वेद का तत्व ही राम है। वशिष्ट के गुरुकुल की सभी विद्याएं राम में आ गईं। राम के चरण रज से अहिल्या तर गई।
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दूसरों की सेवा सबसे कठिन काम
मोरना। कथा में बापू ने सेवा की महत्ता बताई। बोले, जीवन में दूसरों की सेवा का भाव जागृत होना सबसे कठिन काम है। एक लाख रुपये दे देना सरल है, परंतु सेवा भाव रखना कठिन है। सेवा ही सुगंध है। परम संत कल्याणदेव महाराज निष्काम सेवा की प्रतिमूर्ति थे। दूसरों को भोजन कराने वाला व्यक्ति ब्रह्मस्वरूप है।
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राज्य मंत्री कपिल देव ने सुनी कथा
(फोटो)
मोरना। राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने राम कथा का श्रवण किया। उन्होंने व्यासपीठ पर भक्ति भाव से बापू को वीर हनुमान जी का चित्र भेंट किया। यज्ञमान प्रवासी भारतीय चेतन भाई एवं स्वजनों ने कथा सत्र के समापन पर मंगल आरती की। राम कथा समिति के मुख्य सहयोगी अरविंद पिंकी, प्रदीप जिंदल, सर्वेश अग्रवाल, सत्यप्रकाश रेशु, अरुण गर्ग, अंचित मित्तल, दिव्य प्रताप सिंह राणा मौजूद रहे। संवाद
शुक तीर्थ श्रीराम कथा में कथा व्यास मोरारी बापू के आगमन पर श्रद्धालु मंत्र उच्चारण करते हुए। सं
शुक तीर्थ श्रीराम कथा में कथा व्यास मोरारी बापू के आगमन पर श्रद्धालु मंत्र उच्चारण करते हुए। सं
शुक तीर्थ श्रीराम कथा में कथा व्यास मोरारी बापू के आगमन पर श्रद्धालु मंत्र उच्चारण करते हुए। सं
शुक तीर्थ श्रीराम कथा में कथा व्यास मोरारी बापू के आगमन पर श्रद्धालु मंत्र उच्चारण करते हुए। सं