भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने के नाम पर ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पूर्व में भी देश की डिफाल्टर कंपनी नागार्जुन फर्टिलाईजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड को दिया, जो कि 1500 करोड़ रुपये न चुका पाने के कारण दिवालिया घोषित कर दी गई थी।