धर्म बदल सकता है, जाति नहीं
प्रकरण पर अपनी राय रखते हुए टिकैत ने कहा कि धर्म व्यक्ति दिन में कई बार भी बदल सकता है, लेकिन उसकी जाति नहीं बदलती। उन्होंने कहा कि देश में ऐसे अनेक उदाहरण मौजूद हैं, जहां अलग-अलग धर्मों के लोग विवाह कर एक साथ जीवन व्यतीत कर रहे हैं। विवाह के लिए धर्म परिवर्तन आवश्यक नहीं है।
प्रदर्शन नहीं, ज्ञान और संवाद जरूरी
स्वामी यशवीर महाराज द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के संबंध में पूछे गए सवाल पर टिकैत ने कहा कि प्रदर्शन से समाधान नहीं निकलेगा। उन्होंने कहा कि समाज को ज्ञान देने की आवश्यकता है। धार्मिक और सामाजिक मूल्यों की शिक्षा, सत्संग और सकारात्मक विचारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि अच्छे विचार और संवाद ही समाज को सही दिशा दे सकते हैं।
संविधान ने दिए हैं अधिकार
टिकैत ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी पसंद के अनुसार जीवन जीने और निर्णय लेने का अधिकार देता है। यदि कोई व्यक्ति स्वयं अपने निर्णय पर अडिग है, तो उस पर किसी प्रकार का दबाव बनाना उचित नहीं है।