मुजफ्फरनगर। दिन में लगातार दो घंटे तक पड़ी झमाझम बारिश से शहर जलाशय में तब्दील हो गया। शिवचौक की सड़केें नाला बन गई। बारिश होने तक मार्ग अवरुद्ध रहा। शहर के निचले इलाकों में लोगों के घरों में पानी भर गया। लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। शनिवार सुबह आकाश में बादल छाए थे। दोपहर के समय अचानक घने काले बादलों से आकाश ढका दिखाई दिया।
दोपहर करीब दो बजे शहर में तेज बारिश शुरू हो गई। तेज आंधी के साथ आई बारिश में इतना अधिक पानी बरसा कि कुछ ही देर में सड़कें पानी से भरी दिखाई दी। बारिश लगातार दो घंटे तक चली। मौसम विभाग के अनुसार 49.8 मिली मीटर बारिश हुई। इतनी अधिक वर्षा का असर सीधे दिखाई दिया। शिवचौक पर सड़क दिखाई देनी बंद हो गई। यहां की सड़कों ने नाले का रूप धारण कर लिया।
पैदल तो क्या दुपहिया वाहन निकलना भी मुश्किल हो गया। जो जहां था उसे वहीं पर रुकना पड़ा। शहर में दो घंटे लोगों को आवागमन पूरी तरह रोकना पड़ा। शहर की मुख्य सड़कों से जब आम आदमी का चलना फिरना मुश्किल हो गया, तो निचले इलाकों की स्थिति तो बेहद भयावह हो गई। शहर की कई कालोनियों में लोगों के घरों में पानी भर गया। जनकपुरी, रामपुरी, किदवईनगर, केशवपुरी, सरवट में लोगों को अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बारिश के थमने के बाद लोगों को घंटों पानी निकलने का इंतजार करना पड़ा। बारिश के दौरान जनजीवन पूरी तरह से थमा रहा। उधर, बारिश से पहले आम आदमी उमस भरी गर्मी से परेशान था। लोग पसीने से तरबतर थे। बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली। वर्षा के साथ चली हवाओं ने मौसम को बदल दिया। मौसम सुहावना हो गया।
रोहाना में ग्रामीणों के घरों में पानी घुसा
रोहाना। शनिवार दोपहर अचानक हुई मूसलाधार बारिश से तालाब से पानी निकासी नहीं होने के कारण आधा दर्जन लोगों के घरों में पानी भर गया। रोहानाकलां के राजबीर, जगदीश, सुबोध, राकेश, ईश्वर, संजय त्यागी, सुभाष, शमशाद के घरों में पानी भर गया। गांव में बड़ा तालाब है, जिसमें नए पक्के नाले का निर्माण किया जा रहा है। इस तालाब से पानी की निकासी के लिए अंग्रेजी शासन काल का अंडर ग्राउंड नाला बना हुआ है। नाले के निर्माण होने से बारिश का पानी चारो तरफ इकट्ठा हो जाता है, जब लोगों के घरों में पानी भर गया, तो ग्रामीणों ने बारिश में ही नाले के आगे से पत्थर हटाए। इसके बाद पानी की निकासी हुई।