मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड में सीबीआई बनाम मिलाप सिंह की पत्रावली में अभियोजन पक्ष के साक्ष्य की प्रक्रिया पूरी हो गई है। सीबीआई के विवेक अजय कुमार के बयान कराए गए। अपर जिला जज एवं सत्र न्यायालय संख्या सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने बयान के लिए 10 अक्तूबर की तिथि तय की है।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह, उत्तराखंड संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा और रजनीश चौहान ने बताया कि सरकार बनाम मिलाप सिंह और राधा मोहन की पत्रावली में शुक्रवार को सुनवाई हुई। दुष्कर्म के आरोप वाली मिलाप सिंह की पत्रावली में सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक धारा सिंह मीणा ने विवेचक अजय कुमार के साक्ष्य कराए। बचाव पक्ष ने जिरह की। अभियोजन के साक्ष्य की प्रक्रिया पूरी हो गई है। दोनों पत्रावलियों में अगली सुनवाई के लिए 10 अक्तूबर की तिथि तय की गई है।
- यह था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। गंभीर धाराओं के सेशल ट्रायल मुकदमों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने जिले के अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह को अधिकृत किया है।
हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र दाखिल किया
मुजफ्फरनगर। सीबीआई बनाकर ब्रजकिशोर पत्रावली में उमेश चंद शर्मा और अनिल अदालत में हाजिर हुए। जबकि झिंझाना के तत्कालीन एसओ ब्रज किशोर ने हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र दाखिल किया। पत्रावली की सुनवाई सिविल जज सीनियर डिजीवन के पीठासीन अधिकारी मयंक जायसवाल कर रहे हैं।