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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - प्रधानमंत्री आज डीएफसी परियोजना का करेंगे शुभारंभ

Tue, 12 Mar 2024 12:26 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
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- केंद्रीय राज्य मंत्री की मौजूदगी में न्यू जड़ौदा नरा स्टेशन पर होंगे कार्यक्रम
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फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर/चरथावल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईडीएफसी के स्टेशनों पर वीडियो कांफ्रेंसिंग से आज परियोजना को राष्ट्र के नाम समर्पित करेंगे। जनपद में काॅरिडोर की जद में आने वाले न्यू जड़ौदा नारा में रेलवे ने तैयारी पूरी कर ली है। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान मुख्य अतिथि रहेंगे। दिल्ली मंडल के रेल प्रबंधक सुखविंदर सिंह ने जानकारी साझा की है।
प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट पूर्वी और पश्चिमी डीएफसी का निर्माण लगभग पूरा है। इस परियोजना के तहत दमदार ट्रैक बनाया गया। इस ट्रैक पर मालगाड़ियों का परिचालन राजधानी ट्रेन की तर्ज पर 100 किमी प्रति घंटा तक होगा। यह परियोजना 2047 के विकसित भारत का आधार स्तंभ बनेगी। 103 स्टेशनों पर परियोजना के लोकार्पण के बाद प्रधानमंत्री के संबोधन को सुनने के लिए बड़ी स्क्रीन लगेंगी। सुबह 9.30 बजे उद्घाटन करेंगे। परियोजना का लक्ष्य आधुनिक तकनीक के साथ विश्व स्तरीय बुनियादी रेल संरचना तैयार करना है।
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जिले में बनाए गए पांच स्टेशन
मुजफ्फरनगर लोकसभा क्षेत्र में न्यू सकौती, न्यू खतौली, न्यू मंसूरपुर, न्यू जड़ौदा नारा, न्यू मुजफ्फरनगर स्टेशन है। हालांकि न्यू रोहाना जिले का स्टेशन कॉरिडोर का हिस्सा है, लेकिन यह बिजनौर लोकसभा के अंतर्गत आता है। प्रत्येक स्टेशनों पर पिछले सप्ताह स्टेशन अधीक्षकों का 24 घंटे तैनाती कर दी गई है। पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की लंबाई 1337 किमी है। जो पंजाब के लुधियाना से बिहार के सोननगर तक है। कॉरिडोर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार के जिलों से होकर गुजरेगा। वर्तमान में न्यू खतौली से पिलखनी तक 88 किलोमीटर का ट्रैक मालगाड़ियों के परिचालन के तैयार है।
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नए ट्रैक पर समय और खर्च की बचत होगी
ईडीएफसी के मुख्य महाप्रबंधक पवन कुमार ने बताया उत्तर प्रदेश डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का हब है। नए कॉरिडोर पर भारतीय रेल की अपेक्षा नए कॉरिडोर से मालगाड़ियों से माल गंतव्य तक पहुंचने में समय और रुपये दोनों की बचत होगी। भारतीय रेल ट्रेक से इस ट्रैक की क्षमता तीन गुना अधिक है। भविष्य में डबल डेकर मालगाड़ियां भी दमदार ट्रैक पर दौडेंगी। यूपी के अलावा उत्तर भारत के कई प्रांतों में विकास का आयाम खुलेंगे।
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