मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत के वार्ड नंबर 10 की रिकाउंटिंग की मांग को लेकर दिन भर प्रशासन के खिलाफ चला भाजपाइयों का धरना प्रदर्शन बुधवार देर शाम डीएम से वार्ता के बाद खत्म हो गया। डीएम ने कहा कि वह रिकाउंटिंग कराने के लिआयोग को संस्तुति लिए भेज रहे हैं।
देर शाम कलक्ट्रेट पहुंचे डीएम निखिल चंद्र शुक्ला से भाजपा जिलाध्यक्ष सत्यपाल, नगराध्यक्ष श्रीमोहन तायल, पूर्व विधायक अशोक कंसल, पूर्व चेयरमैन कपिलदेव अग्रवाल, राजेंद्र गुर्जर, हरेंद्र पाल, सचिन सिंघल, बिजेंद्र पाल, नीतिश मलिक, रोहताश पाल आदि से वार्ता की और अपना मांग पत्र दिया। भाजपाइयों ने वार्ड नंबर दस की रिकाउंटिंग कराने, बूथ गायब करने और गड़बड़ी के आरोपी आरओ के खिलाफ कार्रवाई करने, एडीएम प्रशासन की भूमिका की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग रखी गई।
डीएम ने आश्वासन दिया कि वह चुनाव आयोग को रिकाउंटिंग के लिए संस्तुति कर रहे हैं। आरओ के खिलाफ जांच पड़ताल के बाद विभागीय कार्रवाई होगी। कलक्ट्रेट में डीएम ऑफिस में वार्ता के बाद एडीएम वित्त सुनील सिंह ने धरना स्थल पर पहुंचकर वार्ता के बारे में जानकारी दी जिसके धरना खत्म हुआ।
उधर, दिन में धरना प्रदर्शन स्थल पर भाजपा विधायक सुरेश राणा ने कहा कि जिले में दंगे का दोषी लखनऊ का टेलीफोन था। लखनऊ का टेलीफोन ही जिले के हालात खराब करता है। जिला पंचायत में भी लखनऊ के टेलीफोन से ही परिणाम बदले गए हैं। बीजेपी सपा के एजेंट बने अफसरों की सूची बना रही है।
कहा कि जिला पंचायत में धांधली का जवाब देना इस जिले की जनता जानती है। जुल्म परिवर्तन की खाद होता है। 2017 के विधानसभा चुनाव में अन्यायकारी सपा सरकार का अंत हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने केवल उन्हीं मंत्रियों को हटाया, जिन्होंने सही हिसाब नहीं दिया। मंत्रियों के हटाने से छवि सुधरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि लखनऊ का टेलीफोन ही इस जिले में बवाल कराता है। पहली बार टेलीफोन ने दंगा करा दिया था, इस बार जिला पंचायत में परिणाम बदलवाकर इस टेलीफोन ने बवाल करा दिया है।
भाजपा जवाब देना जानती है। सहारनपुर के भाजपा विधायक राजीव गुंबर ने कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल है। अफसर जनता को लूटने में लगे हैं। प्रदेश सरकार तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है। भाजपा जिलाध्यक्ष सत्यपाल पाल ने कहा कि हम न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस लड़ाई में जिले की जनता अपने आप साथ आ रही है। भाजपा इस लड़ाई को आर पार लड़ेगी।
प्रदेश मंत्री जसवंत सैनी, पूर्व विधायक अशोक कंसल, पूर्व जिलाध्यक्ष रामकुमार सहरावत, देवव्रत त्यागी, चंद्रवीर एडवोकेट, नगराध्यक्ष श्री मोहन तायल, उमेश मलिक, जगदीश पांचाल, गीता जैन, रोहताश पाल, संजय अग्रवाल, राजीव गर्ग, विजय सैनी आदि ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली को गलत बताया। इस बीच भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने डीएम ऑफिस में घुसकर प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। कलक्ट्रेट में पुलिस अधिकारियों के साथ सिटी मजिस्ट्रेट मौजूद रहे।