वीडियो वायरल होने पर हरकत में आई पुलिस
मुजफ्फरनगर। नेशनल हाईवे के बागोवाली चौराहे के पास स्थित गणपति ढाबे पर गांधी कॉलोनी निवासी कपड़ा व्यापारी के परिवार पर हुए हमले के मामले में पुलिस रात भर ढाबा संचालक प्रमोद गुप्ता के दबाव में रही। ढाबा मालिक का रसूख का आलम यह है कि हमले में पूरे परिवार के घायल होने के बावजूद पुलिस ने घंटों तक होटल पर पहुंचकर जांच करने की हिमाकत तक नहीं की। वहीं, होटल मालिक की सिफारिश में उल्टे शहर के कई प्रभावशाली रसूखदार भी रात भर लगे रहे, जिसके चलते पुलिस प्रभावी कदम उठाने से कदम पीछे हटाती रही। लापरवाही का आलम यह कि बुधवार सुबह पीड़ित घायल परिवार के साथ व्यापारियों को कार्रवाई की मांग के लिए नई मंडी थाने पहुंचना पड़ा। हालांकि इसके बाद सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े वीडियो वायरल हो गए, जिस पर पुलिस ने हरकत में आते हुए आखिरकार आकाश अरोरा की तहरीर पर होटल मालिक व उसके बेटे समेत अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद भी थाना पुलिस देर रात तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार तक नहीं कर पाई।
कब्जे में नहीं ली गई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज
मुजफ्फरनगर। हाईवे स्थित जिस ढाबे पर गांधी कॉलोनी के परिवार पर हमला किया गया, उस पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। हालांकि पुलिस ने बड़ी घटना होने के बावजूद उक्त होटल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तक जांच के लिए बुधवार शाम तक अपने कब्जे में नहीं ली। पीड़ित परिवार का आरोप है कि यदि पुलिस उक्त फुटेज कब्जे में ले लेती, तो न केवल पूरी घटना का सच सामने आ जाता, बल्कि हमले में शामिल आरोपी भी चिह्नित हो चुके होते। मामले में इंस्पेक्टर योगेश शर्मा का कहना है कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है, जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इंस्पेक्टर ने जेवर लूट की घटना से भी इंकार किया।
हमले में किया गया लाठी-डंडे और फावड़े का इस्तेमाल
मुजफ्फरनगर। व्यापारी परिवार की महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया। यही नहीं, हमले में लाठी-डंडों के साथ ही कड़छे व फावड़े तक का इस्तेमाल किया गया। गर्भवती महिला को भी नहीं बख्शा गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि शुरूआती नोकझोंक के बाद मामला निपट गया था, लेकिन होटल मालिक के इशारे पर कुछ देर के बाद उन पर चारों तरफ से हमला किया गया।