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गांव से शहरों तक बनेंगे पुलिस मित्र 

Sun, 10 Apr 2016 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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यूपी पुलिस लोगो। - फोटो : फाइल फोटो।
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जिले में आए दिन होने वाले सांप्रदायिक बवाल और छेड़छाड़ की घटनाओं को लेकर उपजे तनाव में अधिकारी पुलिस मित्र की मदद लेंगे। आईजी ने पुलिस अधिकारियों को पुलिस मित्र बनाने के निर्देश दिए हैं।
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अंबेडकर जयंती और रामनवमी के त्योहार को शांतिपूर्वक कराने के लिए आईजी ने कुछ टिप्स दिए हैं। गांव, कस्बों और शहर के संवेदनशील मोहल्लों में गोष्ठियां कर 20 से 40 लोगों के समूह बनाकर इन्हें पुलिस मित्र का नाम दिया जाएगा।

शहर और देहात में आए दिन छेड़छाड़ की घटनाओं के बाद होने वाले जातीय और सांप्रदायिक तनाव को लेकर आईजी मेरठ सुजीत पांडेय ने पुलिस को नए दिशा निर्देश दिए हैं। आईजी ने अगले सप्ताह जिले में अंबेडकर जयंती और रामनवमी को लेकर गांवों से लेकर शहर तक पुलिस मित्र बनाने के निर्देश दिए हैं।
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निर्देशों में शांति समिति की बैठक के अलावा सीओ स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में संवेदनशील गांव, कस्बे और मोहल्लों में पुलिस गोष्ठी आयोजित करने को कहा गया है। गोष्ठी के दौरान 20 से 40 लोगों का समूह बनाकर उनके फोन नंबर की तीन सूची तैयार करने और सूची को सीओ, एसओ और थाने में रखने के लिए कहा है।

समूह में शामिल लोगों को पुलिस मित्र के रूप में रखा जाएगा। समूह को सांप्रदायिक दृष्टिकोण से संवेदनशील क्षेत्रों में हर हाल में बनाने के लिए कहा है। आईजी का मानना है कि सांप्रदायिक तनाव और छेड़छाड़ की घटना के दौरान समूह के सदस्यों की सहायता से ही घटना पर जल्दी काबू पाया जा सकता है। पुलिस और समूह के सदस्य मिलकर घटना वाली जगह पर हालात को सामान्य करेंगे। 

छेड़छाड़ और सांप्रदायिक तनाव रोजाना की बात
जिले में आए दिन होने वाले जातीय और सांप्रदायिक तनाव के मामलों में पुलिस को काफी फजीहत झेलनी पड़ती है। पिछले एक माह के भीतर ही शहर के नया बांस, गांधी कालोनी में छेड़छाड़  की घटनाओं को लेकर सांप्रदायिक तनाव हो चुका है।

शहर कोतवाली के बाननगर में जमीन के विवाद में ठाकुर और दलित समाज के लोग आमने-सामने आ गए थे। कई गांवों में चुनावी रंजिश के मामले भी पुलिस के सामने आ रहे हैं। जिले में मामूली बात पर लोग एक-दूसरे पक्ष के सामने आने में संकोच नहीं करते हैं। हालात उस समय ज्यादा विकट हो जाते हैं, जब मामला दो संप्रदाय का हो।

ऐसे मामले में पुलिस बिना स्थानीय लोगों की सहायता के हालात पर काबू नहीं कर पाती। अगले सप्ताह रामनवमी और अंबेडकर जयंती के जुलूसों के निकलने के दौरान भी पुलिस को काफी सजग रहना होगा।  बनाए जाने वाले पुलिस मित्र की सहायता से पुलिस जिले के हालातों को बिगड़ने से रोक सकती है।
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