बगैर कोच स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेल रहे खिलाड़ी
मुजफ्फरनगर। करीब डेढ़ साल पहले शुरू हुआ कोरोना वायरस लोगों के स्वास्थ्य के साथ ही जनपद के युवाओं की खेल तैयारियों को भी लील गया है। कोरोना संक्रमण शुरू होते ही एक-एक कर स्टेडियम से पलायन कर गए अंशकालिक प्रशिक्षकों के स्थान पर अब तक स्टेडियम में किसी कोच की नियुक्ति नहीं हुई है। केवल क्रीड़ाधिकारी ही कबड्डी में युवाओं को प्रशिक्षण जारी रखे हुए हैं।
चौधरी चरणसिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेलों की दस विधाओं में युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाता है। इनमें एथलेटिक्स, हॉकी, वॉलीबाल, कुश्ती, क्रिकेट, बॉक्सिंग, जूडो, ताइक्वांडो, बैडमिंटन और वेटलिफ्टिंग शामिल हैं। उक्त सभी खेल विधाओं में अलग-अलग अंशकालिक कोच तैनात थे। मार्च-2020 में कोरोना के चलते लॉकडाउन लागू होने के बाद सभी प्रशिक्षक एक-एक कर नौकरी छोड़कर लौट गए। केवल क्रीड़ाधिकारी राजकुमार और हरफूल सिंह की स्टेडियम में रह गए, जो एथलेटिक्स और कबड्डी का प्रशिक्षण देते थे। जून-2020 में कोविड-19 की अनलॉक प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन इसके बाद से किसी प्रशिक्षक की नियुक्ति नहीं हुई। जुलाई 2020 में क्रीड़ाधिकारी राजकुमार भी सेवानिवृत्त हो गए, जिसके चलते एथलेटिक्स का प्रशिक्षण भी बंद हो गया और हरफूल सिंह ही कबड्डी विधा में युवाओं को प्रशिक्षण देते रहे। अब कोरोना संक्रमण न्यूनतम होने के बाद स्टेडियम तो खोल दिए गए हैं, लेकिन प्रशिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई। हाल ही में भारोत्तोलन में महिला कोच रेनू सिंह की नियुक्ति की गई है, जिन्होंने ड्यूटी ज्वाइन कर ली है, लेकिन अन्य सभी खेल विधाएं अब भी प्रशिक्षक की राह ताक रही हैं।
खेलो इंडिया सेंटर तो मिला, कोच नहीं
मुजफ्फरनगर। जनपद में स्पोर्ट्स स्टेडियम को साईं इंडिया का खेलो इंडिया सेंटर पिछले दिनों मिल गया है। जनपद को खेलो इंडिया के तहत एथलेटिक्स का सेंटर प्रदान किया गया है, लेकिन सेंटर मिलने को करीब एक माह होने के बावजूद साईं इंडिया द्वारा अब तक यहां किसी कोच की नियुक्ति नहीं की गई है। इसके चलते खेलो इंडिया सेंटर के बावजूद युवा इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
तैराकी प्रशिक्षण भी दो साल से है बंद
मुजफ्फरनगर। चौधरी चरणसिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में तैराकी के लिए भी अलग-अलग आयु वर्ग के लिए तरणताल हैं, लेकिन पिछले दो साल से तैराकी के लिए भी किसी प्रशिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई है। इसके चलते युवाओं को तैराकी का प्रशिक्षण भी स्टेडियम में गत दो साल से नहीं मिल पा रहा है।
वर्जन
प्रदेश में अंशकालिक प्रशिक्षक नियुक्त करने का ठेका एक प्राइवेट कंपनी के पास है। जिले में लखनऊ से प्रशिक्षकों की नियुक्तियां होती हैं, जो इसी कंपनी के द्वारा की जाती हैं। इसके लिए जनपद स्तर पर सलेक्शन कमेटी नियुक्त हो गई है, जो स्थानीय प्रशिक्षकों के नाम कंपनी को भेजेगी, जिसके बाद ट्रायल लेकर कोच की नियुक्ति की जाएगी।
- हरफूल सिंह, क्रीड़ाधिकारी।