मुजफ्फरनगर के केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान के गोद लिए गांव पीपलशाह में विकास की किरण नजर नहीं आती। शुरुआत में लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब गांव का उद्धार होगा, लेकिन गोद लेने के दो माह बाद भी कोई अपेक्षित विकास नजर नहीं आ रहा। दूषित पेयजल की समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है। सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह गई हैं।
सांसद डॉ संजीव बालियान के पीपलशाह गांव को गोद लेने के बाद लोगों को बेहतर विकास की उम्मीद जगी थी। करीब सात हजार की आबादी वाले गांव के विकास की हकीकत जानने के लिए अमर उजाला की टीम ने दौरा किया तो ऐसी कोई नई योजना परवान चढ़ती नजर नहीं आई। थानाभवन मार्ग से गांव की ओर एंट्री करते ही बाहरी छोर पर कूड़ियों के ढेर गंदगी की कहानी को बयां करने के लिए काफी हैं। वहीं, भमेला की तरफ से गांव में दाखिल होने वाले रास्ते पर भी बड़ी-बड़ी कूड़ियों के ढेर लगे हैं। यह संक्रामक बीमारियों को खुला आमंत्रण दे रहे हैं। इसके अलावा गांव में आबादी के बीच भी कूड़ी पड़ी हैं। गांव का बारातघर और पंचायत घर जर्जर अवस्था में हैं। गांव के सरकारी हैंडपंप भी ठप पड़े हैं।
रोनी हरजीपुर मार्ग पर स्वास्थ्य उप केंद्र अपनी बदहाली पर आंसू बहाता नजर आया। यह भवन अत्यंत जर्जर है। इस केंद्र पर कोई एएनएम नहीं बैठती। ग्रामीण नेपाल सिंह ने बताया कि अरसे से यह जर्जर है। यहां कोई भी एएनएम नहीं आने से महिलाओं को प्रसव पूर्व देखभाल और बच्चों के नियमित टीकाकरण का काम प्रभावित है। बातचीत में ग्रामीणों ने सबसे बड़ी समस्या गांव के दूषित पेयजल को लेकर बताई। बकौल धर्मेंद्र सिंह, गांव हिंडन नदी के किनारे बसे होने के कारण हैंडपंपों का अधिकांश पानी दूषित हो चुका है। कई बार जल निगम को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन पेयजल के सुधार के लिए कोई सार्थक पहल नहीं हो पाई है।
पूर्व प्रधान के पति भूपेंद्र सिंह ने बताया कि कई मर्तबा जल निगम को पानी की टंकी का प्रस्ताव भेजा जा चुका है, पर आज तक स्वच्छ पेयजल का बंदोबस्त कराने में किसी अफसर अथवा जनप्रतिनिधियों की रुचि नहीं है। प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल में लगे नल भी दूषित पानी उगल रहे हैं। दूषित पानी के कारण कैंसर जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। ग्राम प्रधान प्रदुम्मन सिंह ने बताया कि गांव के मतदाताओं ने विधानसभा चुनाव में भाजपा को सबसे ज्यादा वोट दी थी, लेकिन आदर्श ग्राम में चयनित होने के बावजूद कोई कार्य धरातल पर शुरू नहीं हो पा रहा है। अफसर गांव में आते हैं और मीटिंग कर वापस लौट जाते हैं। विकास की गति पहले की तरह ही है।
मौत बनकर लटक रहे हैं जर्जर तार
गांव में पर्याप्त विद्युतीकरण नहीं हो पाया है। कई दशक पुराने जर्जर तार मौत बनकर ग्रामीणों के ऊपर लटक रहे हैं, जो अक्सर टूटकर गिरते है। ऐसे में कभी भी कोई अनहोनी घटना ग्रामीणों के साथ हो सकती है। ग्रामीण बुद्ध सिंह, रोहताश, श्रीपाल ने तारों का हाल दिखाया तो पाया कि तार इस कदर लटके हुए हैं कि यदि कोई बुग्गी पर आते जाते समय यदि खड़ा जो जाए तो वह तारों से टच हो जाएगा।
गांव के तालाबों पर है अतिक्रमण
गांव के तालाबों पर अतिक्रमण है। तालाब घटकर बहुत कम क्षेत्रफल में रह गए हैं, जिससे जरा सी बरसात में ही तालाब पानी से लबालब हो जाते हैं, जिससे ग्रामीणों को जलभराव की समस्या से रूबरू होना पड़ता है। ऐसे में बच्चे भी गंदे पानी से होकर स्कूल आते-जाते हैं। दशकों से तालाब से सफाई भी नहीं को सकी है।
क्या कहते हैं सांसद
गांव को गोद लिए दो माह हुए हैं। समस्याओं का अवलोकन किया जा रहा है। जिला कृषि अधिकारी रामजतन सिंह को आदर्श गांव का नोडल अधिकारी बनाया गया है। बृहस्पतिवार को ही गांव में कराए जाने वाले कार्यों को लेकर सीडीओ ने नोडल अधिकारी और सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक ली है। आदर्श गांव में 21 बिंदुओं के तहत सभी विभागों की ओर से विकास कार्य कराए जाएंगे। जल्द ही कार्य धरातल पर नजर आने लगेंगे।
- डॉ संजीव बालियान, सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री।