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अपने दम पर पहचान बना रहे पैरा खिलाड़ी, सुविधाओं की दरकार

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पैरा खिलाड़ी शूटर राजीव मलिक - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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अपने दम पर पहचान बना रहे पैरा खिलाड़ी, सुविधाओं की दरकार
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मुजफ्फरनगर। टोक्यो पैरालंपिक में पैरा खिलाड़ियों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। पदक जीतने वाले पैरा खिलाड़ी आज हीरो बने हुए हैं। सरकार पैरालंपिक खिलाड़ियों को इनामी राशि व सुविधा दे रही है। मगर जनपद के पैरा खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त सुविधाओं का अभाव है। पैरा खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने के लिए जिले में कोच व अन्य संसाधन की व्यवस्था नहीं है। जिससे प्रतिभाएं ट्रेनिंग के अभाव में दम तोड़ रही हैं। जनपद के स्टेडियम में एथलेटिक्स के पैरा खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं का अभाव है, इसके अतिरिक्त अन्य खेलों की तैयारी स्वयं या बाहर जाकर करनी पड़ती है।
पदक से चूक गई ज्योति
मुजफ्फरनगर। गोयला निवासी अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाज खिलाड़ी ज्योति बालियान ने टोक्यो पैरालंपिक में प्रतिभाग किया है, मगर वह अपनी स्पर्धाओं में अंक कम होने से पदक से चूक गईं। ज्योति नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में अभी तक 22 गोल्ड जीत चुकी हैं। वर्ल्ड रैकिंग टूर्नामेंट में 2019 और 2021 में कांस्य व रजत पदक जीते हैं। श्री माता वैष्णो आर्चरी, जम्मू कश्मीर में कोच कुलदीप वेदवान के मार्गदर्शन में उसने कामयाबी पाई है। ज्योति का कहना है, अब सरकार पैरालंपिक खिलाड़ियों को काफी प्रोत्साहित कर रही है। अब उन्हें सरकारी नौकरी मिलने की पूरी उम्मीद है।
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सुविधाओं का अभाव
- भरतिया कालोनी निवासी विजय तोमर ने दो वर्ल्ड चैंपियनशिप खेली हैं। एशियन गेम्स 2018 में लंबी कूद में सिल्वर मैडल जीत चुके हैं। उनका कहना है कि जिला स्टेडियम में एथलेटिक्स से संबंधित खेल तो होते हैं। लेकिन सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने जिला स्टेडियम में ही कोच गंजेद्र राणा व रवि राणा से ट्रेनिंग ली हुई है। मगर अब यहां कोई कोच नहीं है।
प्रोत्साहन मिलना चाहिए
- गांव फुगाना के शूटिंग पैरा खिलाड़ी राजीव मलिक ने 2005 से लेकर 2021 तक नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में लगातार मेडल जीते हैं। जिसमें 12 गोल्ड हैं। एशियन गेम्स 2010 में प्रतिभाग कर चुके हैं। राजीव बताते हैं कि 2015 में अमेरिका में आयोजित आईपीसी शूटिंग में जाते समय विमान में उनका समस्त सामान खो गया था। जिसके कारण वह रियो ओलंपिक में क्वालिफाई करने से चूक गए थे। जब से कोर्ट कचहरी के चक्कर लगा रहे हैं। सरकार से किसी प्रकार की कोई सहायता नहीं मिली है। उनका कहना है कि पैरा खिलाड़ियों का प्रोत्साहित करना चाहिए।
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- जिले में पैरा खिलाड़ी बहुत कम हैं। चौधरी चरण सिंह जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में वर्तमान में भी कोच की कमी है। कोच की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए हैं। जल्द ही स्टेडियम में खेलों की समस्त सुविधाएं मिल जाएगी।
- हरफूल सिंह, जिला उप क्रीड़ाधिकारी
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