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Muzaffarnagar News: ऑर्डर नहीं मिलने से 28 पेपर मिलें बंद

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भोपा रोड स्थित बिंदलास पेपर मिल की प्रोडक्शन यूनिट। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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मुजफ्फरनगर। ऑर्डर न मिलने के कारण जिले में पेपर मिलें बंद होने लगी हैं। इसके अलावा दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र की फैक्टिरियों में लेबर संकट गहराने के कारण पैकेजिंग पेपर की मांग काफी घट गई है। इससे जनपद की क्राफ्ट और डुप्लेक्स पेपर का उत्पादन करने वाली 28 पेपर मिलों में उत्पादन बंद करना पड़ा। सात से 10 दिन तक संकट रहने का अनुमान है।
जिले में ऑर्डर न मिलने के कारण कई पेपर मिलें बंद होने लगी हैं। इसके अलावा दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में मजदूर नहीं मिल रहे हैं। फैक्टिरियों से लेबर के गांव चले जाने के कई कारण गिनाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इन क्षेत्रों में काम कर रही लेबर रसोई गैस संकट से परेशान होकर अपने गांव चली गई है।
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पूर्वांचल और बिहार के रहने वाले अधिकतर मजदूर गेहूं कटाई के लिए अपने-अपने क्षेत्र चले गए। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का भी आंशिक असर माना जा रहा है।
नई दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद में संचालन प्रभावित हुआ, जिसका असर जिले तक भी आना शुरू हो गया है।
n शामली और मुजफ्फरनगर में 35 चीनी मिलें : पेपर उद्योग के मामले में जनपद प्रदेश में काफी अग्रणी है। शामली सहित जनपद में टिश्यू, व्हाइट और डुप्लेक्स एवं क्राफ्ट पेपर उत्पादन की 35 पेपर मिलें संचालित हो रही हैं। इनमें क्राफ्ट और डुप्लेक्स पेपर मिल की संख्या 28 है।
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इन मिलों में तैयार पेपर का प्रयोग विभिन्न उत्पाद की पैकिंग में किया जाता है। जनपद में उत्पादित अधिकतर कागज की आपूर्ति दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में स्थित फैक्टिरियों में पैकेजिंग के लिए होती है लेकिन पिछले कुछ दिनों से जनपद की क्राफ्ट और डुप्लेक्स पेपर उत्पादन मिलों को ऑर्डर नहीं मिल पा रहे।
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