मुजफ्फरनगर(ब्यूरो)। ग्राम पंचायत चुनाव के अंतिम चरण में 71 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। मतदान में बुढ़ाना ब्लाक ने शाहपुर ब्लाक को पीछे छोड़ दिया। संगीनों के साये में हुए मतदान में बुढ़ाना में 72.5 प्रतिशत लोगों ने और शाहपुर में 68.4 % लोगों ने वोट डाले।
वोट डालने में बुढ़ाना ब्लाक आगे रहा। इसमें 72.5 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। शाहपुर ब्लाक में केवल 68.4 प्रतिशत लोग ही अपने वोट डाल सके। डीएम और एसएसपी ने पुलिस बल के साथ गांव पलड़ा, पलड़ी, सोरम, गोयला, मंडावला बांगर, अलीपुर अटेरना, गढ़ी सखावत, भौरा कलां, आदमपुर, जैतपुर, मौहम्मदपुर राय सिंह, हुसैनपुर कलां, लुहसाना, लोई, खरड़, कुरावा, अलादपुर, लालू खेड़ी, शिकारपुर, दुल्हेेरा, उमरपुर, खिजरपुर, मदीनपुर, भसाना, भौरा खुर्द, जौला, फुगाना, बसी कलां के बूथ पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
जिला पंचायत के बाद ग्राम पंचायत का चुनाव शांतिपूर्वक होने से अफसरों ने राहत की सांस ली है। जिले के आला अफसर चुनाव के अंतिम चरण तक इस बात को लेकर डरे थे जिले में कोई बड़ा बवाल न हो जाए। आयोग जिले को लेकर इतना चिंतित था कि डीएम को वीडियो कांफ्रेसिंग पर आठों चरण में लिया। क्राइम को लेकर बदनाम हो चुके जिला मुजफ्फरनगर में शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराना जिला प्रशासन के लिए किसी चुनौति से कम नहीं था। डीएम निखिल चंद्र शुक्ला की अगुवाई में प्रशासन ने ऐसी रणनीति बनाई की कि जिला पंचायत चुनाव और ग्राम पंचायत चुनाव के सभी चरणों बूथ और उसके आस पास कोई बड़ी वारदात नहीं हुई।
जिला प्रशासन ने इसके लिए अति संवेदनशील गांवों में जहां अर्द्घ सैनिक बलों का सहारा लिया, वही ड्रोन से भी दहशत का माहौल बनाया। खुद अधिकारी मानते हैं ग्रामीण ड्रोन कैमरे से भयभीत दिखाई दिए। चुनाव आयोग इस जिले को लेकर इतना गंभीर था कि आठ चरण में यहां के डीएम को वीडियो कांफ्रेसिंग में शामिल किया। शासन भी इस जनपद को लेकर चिंतित था। खुद डीएम शुक्ला कहते हैं आयोग लगातार उनसे जानकारी ले रहा था। चुनाव में एक भी एफआईआर, एक भी रीपोल ने होने से आयोग खुद अचंभित है। उन्होंने कहा हमने जिले के तीन सौ ऐेसे खुराफाती लोगों पर कार्रवाई की जो माहौल को खराब करते हैं। आम जनता लड़ना नहीं चाहती। आम जनता कानून का पालन करती है।