मुजफ्फरनगर में दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने शाहपुर क्षेत्र के गोयला गांव में छापा मारकर पश्चिम बंगाल की एक किशोरी को बरामद कर दूसरे राज्यों से लड़कियों को अगवा कर लाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया। तीनों ही जिले के रहने वाले हैं। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया है वह लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर ग्रामीण इलाकों में बेच देते हैं।
पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन थाने में 21 नवंबर को झारखंड के गुमला जिले से दिल्ली आई एक लड़की की गुमशुदगी का मामला दर्ज किया था। मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी। साथ ही इस मामले में एंटी ह्यूमन ट्रेफिकिंग यूनिट को भी लगाया। पुलिस उपायुक्त राजीव शर्मा के नेतृत्व में मामले की जांच शुरू की, तो पता चला 19 साल की गुमला से आई लड़की मुजफ्फरनगर के एक गांव में संदीप की पत्नी के रूप में रह रही है।
पुलिस ने छापा मारकर पीड़ित को बरामद करने के साथ ही संदीप को भी हिरासत में ले लिया। पीड़ित से पूछताछ में खुलासा हुआ पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पांच अक्तूबर को वह ट्रेन से उतरी, तो मुजफ्फरनगर के अरविंद और उसकी पत्नी अंजलि ने नौकरी दिलाने का लालच देकर अपने साथ ले आए और उसे बेचकर संदीप से शादी करा दी। पुलिस ने जाल फैलाया तो अरविंद को भी दबोच लिया।
जबकि उसकी पत्नी अंजलि पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ी है। पूछताछ में अरविंद पर शिकंजा कसा तो उसने बताया अविवाहित ग्रामीणों की वह शादी कराते हैं। झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम से दिल्ली में नौकरी की तलाश में आने वाली लड़कियों को अपने जाल में फंसा लेते थे। उन्हें यहां लाकर 50 से 80 हजार रुपये में जरूरतमंद लोगों को बेचते हैं।
पूछताछ में यह भी सामने आया एक साल में गिरोह 12 लड़कियों को बेच चुका है, इनमें से सात की पहचान कर ली गई है। सोमवार से दिल्ली पुलिस की एक टीम मुजफ्फरनगर में डेरा डाले है। शाहपुर के गोयला गांव में छापा मारकर नरेंद्र को बेची किशोरी को बरामद कर नरेंद्र को हिरासत में लिया। नरेंद्र के मुताबिक उसने लड़की 40 हजार रुपये में अरविंद से खरीदी है।