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मजिस्ट्रेट की गाड़ी पर पथराव, गांवों में बवाल

Sun, 06 Dec 2015 12:09 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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मुजफ्फरनगर/चरथावल/बघरा। ग्राम प्रधान चुनाव के तीसरे चरण में कई गांवों में जमकर बवाल हुआ। पथराव में कई लोग घायल हुए। काजीखेड़ा में पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक मामूली बात को लेकर एक अधिकारी से भिड़ गए। निरधना गांव में फर्जी वोट डलवाने के आरोपी को पकड़ने पर ग्रामीणों ने जोनल मजिस्ट्रेट की गाड़ी पर पथराव कर आरोपी को छुड़ा लिया। बाद में पुलिस ने लाठियां फटकार कर बवालियों को खदेड़ा। पथराव में एक सिपाही घायल हुआ है। हरसौली गांव में भी प्रत्याशियों के समर्थकों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। पुलिस ने लाठियां बरसाकर भीड़ को मतदान केंद्र से भगाया। मांडी गांव में ककरौली थानेदार से ग्रामीणों ने जमकर हाथापाई की और काफी देर तक धकियाते रहे।
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शनिवार को जिले के दो ब्लाकों में मतदान के दौरान पुलिस प्रशासन के रवैये पर आक्रोश को लेकर कई गांवों में बवाल हुआ। तितावी थाने के काजीखेड़ा में एक मतदान केंद्र पर पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक और उनके परिवार की महिलाएं वोट डालने गई थीं। इस दौरान मतदान कर्मियों से आईडी मांगने को लेकर उनकी कहासुनी हुई। सेक्टर मजिस्ट्रेट ने शामली विधायक पंकज मलिक की पत्नी डॉ पारुल से पीछे हटने के लिए जिस तरीके से कहा, उनके ससुर हरेंद्र मलिक को गुस्सा आ गया। सूचना पर ग्रामीण पहुंच गए और सेक्टर मजिस्ट्रेट से धक्का-मुक्की कर दी। बाद में एसडीएम उज्ज्वल कुमार से भी पूर्व सांसद ने सेक्टर मजिस्ट्रेट की शिकायत की। इस मामले को लेकर जिलेभर में तरह-तरह की अफवाहें उड़ती रहीं।
दूसरा मामला अतिसंवेदनशील प्लस की श्रेणी में शामिल निरधना गांव का है।

दोपहर में प्रधान पद की प्रत्याशी मुन्नी के एजेंट की पुलिसवालों से तू-तू, मैं-मैं हो गई। जोनल मजिस्ट्रेट ने मौके पर पहुंचकर युवक को हिरासत में ले लिया। बूथ से युवक को गाड़ी में बैठाकर थाने ले जाया जा रहा था। इसी बीच प्रत्याशी के मकान के बाहर उसके समर्थकों ने पथराव शुरू कर दिया, जिससे गाड़ी के शीशे चकनाचूर हो गए। उसके बाद बूथ से पुलिस मौके पर पहुंची। गुस्साए लोगों के पथराव में एक सिपाही के सिर में पत्थर लगा, जिससे वह लहूलुहान हो गया। भीड़ को उपद्रव पर उतारू देख पुलिस ने जमकर लाठियां भांजीं। ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। करीब आधा घंटे तक मतदान रुका रहा। बवाल की सूचना पर अफसर भारी पुलिस बल लेकर पहुंचे। डीएम निखिलचंद्र शुक्ला और एसएसपी केबी सिंह ने मोर्चा संभाला। बूथ पर एजेंटों की परेड कराकर वीडियोग्राफी की गई। सभी एजेंटों के 50-50 हजार के मुचलके भरवाए गए। पोलिंग केंद्र प्राथमिक विद्यालय में वारदात के बाद प्रशासन चौकन्ना हो गया। महिलाओं की भी चेकिंग कराई गई। फर्जी वोट डालने के आरोप में एजेंट समेत तीन युवकों को हिरासत में लिया गया। उसके बाद मतदान सुचारु हो पाया।
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शाहपुर के हरसौली गांव में प्राथमिक विद्यालय नंबर एक के बाहर दो प्रत्याशी समर्थक भिड़ गए। मामूली कहासुनी के बाद दोनों पक्षों में फायरिंग हो गई।

घटना से गांव में अफरा-तफरी मच गई। एसपी क्राइम राकेश कुमार जौली, एडीएम मनोज कुमार, सीओ बुढ़ाना एसपी शर्मा, तहसीलदार बुढ़ाना हर्ष चावला भारी पुलिसबल के साथ पहुंचे। मतदान केंद्र के बाहर लगे टेंट पुलिस ने उखड़वा दिए। समर्थकों को लाठियां फटकार कर भगाया। पुलिस ने मतदान केंद्र के बाहर फायरिंग करने वाले दो युवकों को हिरासत में लिया है। इसके अलावा तावली के मतदान केंद्र के बाहर दो प्रत्याशी समर्थकों द्वारा फर्जी वोट को लेकर हुए हंगामे के बाद मौके पर पहुंचे सेक्टर मजिस्ट्रेट ने दो युवकों को हिरासत में लिया।

उधर, बघरा के मांडी गांव में पुलिस के रवैये पर उत्तेजित ग्रामीणों ने ककरौली थाना प्रभारी योगेश शर्मा से जमकर हाथापाई की। पोलिंग बूथ के पास रामपाल के घेर में जमा समर्थकों को पुलिस ने बेवजह दौड़ा लिया और वाहनों को गिरा दिया। इस पर ग्रामीणों ने पुलिस को घेर लिया। महिलाओं ने एसओ का गिरेबान पकड़ लिया और धक्का-मुक्की की। भीड़ ने एसओ को धकियाते हुए घेर से बाहर कर दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने घेर में पहुंचकर बदतमीजी की। एसओ ने बंधे पशुओं को खुलवा दिया और चारपाई तोड़ दी। बुड्ढाखेड़ा गांव में एजेंटों में एक नाबालिग की वोट को लेकर मारपीट हो गई। पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को दौड़ा लिया। राधेश्याम, मुनीष, रजनेश, अलका, कुलदीप और संदीप आदि लोगों को चोटें आई। एसपी सिटी और एडीएम प्रशासन ने पहुंचकर लोगों को समझाया और शांतिपूर्वक मतदान की व्यवस्था बनाई।
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