नहाने के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन डॉक्टर के पास लेकर जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही मासूम की मौत हो गई। इसके बाद परिजन बिना किसी पुलिस कार्रवाई के शव को पानीपत ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया।
मामले में दो दिन पहले नया मोड़ आया। पीड़ित परिवार ने गांव के ही एक बालक पर अपने बच्चे की हत्या करने का आरोप लगाया और थाने पहुंचे। आरोप है कि पुलिस ने सुनवाई नहीं की और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मांगी। इसके बाद पीड़ित पक्ष पूर्व विधायक उमेश मलिक के पारिवारिक भाई अजय मलिक के आवास पर पहुंचा। यहां दोनों पक्षों की पंचायत हुई।
पंचायत में आरोपी बालक को भी बुलाया गया। दोनों पक्षों में तनाव बन गया। वायरल वीडियो में मृतक पक्ष की एक महिला ने भी आरोपी को थप्पड़ जड़ा। इसके कुछ देर बाद ही पंचायत में मौजूद एक व्यक्ति ने भी थप्पड़ जड़े। थप्पड़ मारे जाने के बाद पंचायत में तनाव बन गया। दोनों पक्षों को ग्रामीणों ने समझा बुझाकर वापस भेजा।
पूर्व विधायक के भाई अजय मलिक का कहना है कि उपाध्याय समाज के दोनों पक्षों के लोग आए थे। गुस्से में पीड़ित पक्ष ने कथित आरोपी को थप्पड़ मार दिए, लेकिन यह पंचायत का फैसला नहीं था। पंचायत में कोई इस तरह का फैसला नहीं हुआ, सिर्फ पीड़ित पक्ष के लोगों ने गुस्से के चलते यह कदम उठाया था। उधर, सीओ फुगाना यतेंद्र नागर का कहना है कि बच्चे की बीमारी से मौत हुई थी, तब पीड़ित पक्ष ने पोस्टमार्टम नहीं कराया था।