सिसौली में भाकियू की पंचायत
- फोटो : Amar Ujala
पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसान पंजाब और हरियाणा में बदल रहे माहौल पर निगाह रखे हुए हैं। किसानों का कहना है कि सरकार को बातचीत के जरिए ही समस्या का समाधान निकालना चाहिए। शंभू सीमा पर हुए टकराव के बाद किसानों के बीच नाराजगी बढ़ी है। लेकिन अभी तक दिल्ली चलो पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।
ऐसे माहौल में लोगों की निगाह भाकियू पर भी टिकी है। भाकियू टिकैत ने इस बार मासिक पंचायत सिसौली के किसान भवन पर बुलाई है। भाकियू नेता गौरव टिकैत ने बताया कि पंजाब, यूपी, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड के संगठन के प्रमुख प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया है। किसान आंदोलन पर संगठन की निगाह टिकी है। सिसौली की मासिक पंचायत में ही सर्वसम्मति से निर्णय किया जाएगा।
यह भी पढ़ें: Time Bomb: पश्चिमी यूपी को दहलाने की थी साजिश, ऑर्डर पर बम किए थे तैयार, जावेद ने किए कई चौंकाने वाले खुलासे
तीसरे दौर की बातचीत पर भी निगाह
पंजाब में किसानों और सरकार के बीच दो दौर की बातचीत हो चुकी है। तीसरे दौर में रविवार शाम छह बजे बैठक की तैयारी है। तीसरे दौर की बातचीत से पहले आज भाकियू की पंचायत है। ऐसे में यह भी संभव है कि तीसरे दौर की बातचीत के बाद ही संगठन किसी अगले कदम का एलान करें।
मुद्दे वही, मोर्चे बनाए गए अलग-अलग
पिछला किसान आंदोलन संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली की सीमा पर किया था। भाकियू टिकैत भी संयुक्त किसान मोर्चा का हिस्सा है। इस बार पंजाब के किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा अराजनैतिक के बैनर तले आंदोलन शुरू किया है। हालांकि दोनों के मुद्दे एमएसपी की गारंटी और स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट ही हैं। किसानों पर दर्ज पुलिस केस वापस लेने जैसी मांगों पर सहमति बन चुकी है। दूसरे मोर्चा में होने के चलते भाकियू में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
सिसौली में भाकियू की पंचायत
- फोटो : Amar Ujala
हरियाणा में आंदोलन शुरू तो बढ़ेगी मुश्किलें
आंदोलन का असर अभी तक पंजाब में अधिक है। हरियाणा में किसान आंदोलन के मैदान में नहीं उतरे। पंजाब से सटे अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा और डबवाली में जरूर किसान संगठन अलर्ट मोड़ पर है। अगर पंजाब के किसान हरियाणा से होते हुए दिल्ली की सीमा पर पहुंचे तो पश्चिम यूपी में किसान मोर्चा संभाल सकते हैं।
मेरठ से पहुंचे कार्यकर्ता, टोल कराया फ्री
सरधना से भारतीय किसान यूनियन की राष्ट्रीय मासिक पंचायत में शामिल होने कार्यकर्ता पहुंचे हैं। मेरठ जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में दर्जनों निजी कारों में सवार होकर सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता, पदाधिकारी व किसान भुनी टोल पलाजा पर एकत्रित होकर नारेबाजी करते हुए रवाना हुए। इस दौरान टोल प्लाजा को भाकियू कार्यकर्ताओं ने फ्री करा दिया और हाईवे पर भी जाम की स्थिति बन गई। इस दौरान जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने सभी कार्यकर्ताओं को समझाते हुए एकत्रित करकर रवाना किया।