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BKU की पंचायत में बड़ा निर्णय: 'आंदोलन में टिकैत परिवार के एक सदस्य को खानी होगी गोली, हम पीछे नहीं हटेंगे'

Sat, 17 Feb 2024 05:36 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

BKU Panchayat Update : मुजफ्फरनगर के सिसौली में हुई भाकियू की पंचायत में बड़ा निर्णय हुआ है। इसके अलावा राकेश टिकैत ने कहा कि किसान आंदोलन में टिकैत परिवार के एक सदस्य को गोली खानी होगी। उन्होंने कहा कि हम पीछे नहीं हटेंगे।
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राकेश टिकैत। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुजफ्फरनगर के सिसौली गांव में आयोजित की गई भाकियू की पंचायत में 21 फरवरी को दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन का एलान किया गया है। भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि हरियाणा और पंजाब में गलत हुआ। हम सब किसान एक हैं।

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संयुक्त किसान मोर्चा को प्रस्ताव भेजा जाएगा कि 26 और 27 फरवरी को हरिद्वार से गाजीपुर तक किसान अपने-अपने गांव के बाहर हाईवे पर ट्रैक्टरों के मुंह दिल्ली की ओर खड़े करके विरोध करेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने 14 मार्च को दिल्ली में धरने का एलान पहले ही कर रखा था। अब किसान कभी भी कूच कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आंदेालन में टिकैत परिवार के एक सदस्य को गोली खानी होगी। कहा कि हम पीछे नहीं हटेंगे। टिकैत परिवार एक कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं।

पंजाब में जोर पकड़ रहे किसान आंदोलन का असर अभी तक पश्चिम उत्तर प्रदेश में कम दिखा है। संयुक्त किसान मोर्चा के पिछले आंदोलन में अगुवाई कर चुकी भाकियू ने रुख तय करने के लिए आज यानी शनिवार को सिसौली में पंचायत आयोजित की। इस पंचायत में पांच राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ मंत्रणा कर रणनीति तय की गई। आंदोलन के हरियाणा पहुंचते ही पश्चिम यूपी के किसान भी बॉर्डर पर डट सकते हैं। सिसौली में काफी संख्या में भाकियू कार्यकर्ता और पांच राज्यों से पदाधिकारी पहुंचे। 

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मंच से ये हुए एलान

पंचायत में किसानों को संबोधित करते हुए भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि देश में रोटी पर कब्जे की तैयारी है। देश में भूख के आधार पर रोटी की कीमत तय होगी। उन्होंने मच से 21 फरवरी को जिला मुख्यालय पर ट्रैक्टर मार्च का भी एलान किया।

पंचायत में तय हुआ कि 26 और 27 फरवरी को हरिद्वार से लेकर दिल्ली तक किसान अपने-अपने गांव के बाहर हाईवे पर ट्रैक्टर दिल्ली की तरफ मुंह कर खड़े करेंगे। इस दौरान हाइवे वन वे किया जाएगा। यह प्रस्ताव संयुक्त किसान मोर्चा को भेजा जा रहा है।

पिछली बार तीन कृषि कानूनों के विरोध में गाजीपुर बॉर्डर पर भाकियू ने मोर्चा संभाला था। 26 जनवरी के बाद बिखरते किसान आंदोलन को संजीवनी भी गाजीपुर बॉर्डर से ही मिली थी। 28 जनवरी की रात भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के आंसुओं ने आंदोलन में दोबारा जान डाल दी थी। इस बार पंजाब के किसानों ने फिर से दिल्ली का रुख किया।


 

सिसौली में भाकियू की पंचायत - फोटो : Amar Ujala
पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसान पंजाब और हरियाणा में बदल रहे माहौल पर निगाह रखे हुए हैं। किसानों का कहना है कि सरकार को बातचीत के जरिए ही समस्या का समाधान निकालना चाहिए। शंभू सीमा पर हुए टकराव के बाद किसानों के बीच नाराजगी बढ़ी है। लेकिन अभी तक दिल्ली चलो पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।

ऐसे माहौल में लोगों की निगाह भाकियू पर भी टिकी है। भाकियू टिकैत ने इस बार मासिक पंचायत सिसौली के किसान भवन पर बुलाई है। भाकियू नेता गौरव टिकैत ने बताया कि पंजाब, यूपी, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड के संगठन के प्रमुख प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया है। किसान आंदोलन पर संगठन की निगाह टिकी है। सिसौली की मासिक पंचायत में ही सर्वसम्मति से निर्णय किया जाएगा।

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तीसरे दौर की बातचीत पर भी निगाह
पंजाब में किसानों और सरकार के बीच दो दौर की बातचीत हो चुकी है। तीसरे दौर में रविवार शाम छह बजे बैठक की तैयारी है। तीसरे दौर की बातचीत से पहले आज भाकियू की पंचायत है। ऐसे में यह भी संभव है कि तीसरे दौर की बातचीत के बाद ही संगठन किसी अगले कदम का एलान करें।

मुद्दे वही, मोर्चे बनाए गए अलग-अलग
पिछला किसान आंदोलन संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली की सीमा पर किया था। भाकियू टिकैत भी संयुक्त किसान मोर्चा का हिस्सा है। इस बार पंजाब के किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा अराजनैतिक के बैनर तले आंदोलन शुरू किया है। हालांकि दोनों के मुद्दे एमएसपी की गारंटी और स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट ही हैं। किसानों पर दर्ज पुलिस केस वापस लेने जैसी मांगों पर सहमति बन चुकी है। दूसरे मोर्चा में होने के चलते भाकियू में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

सिसौली में भाकियू की पंचायत - फोटो : Amar Ujala
हरियाणा में आंदोलन शुरू तो बढ़ेगी मुश्किलें
आंदोलन का असर अभी तक पंजाब में अधिक है। हरियाणा में किसान आंदोलन के मैदान में नहीं उतरे। पंजाब से सटे अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा और डबवाली में जरूर किसान संगठन अलर्ट मोड़ पर है। अगर पंजाब के किसान हरियाणा से होते हुए दिल्ली की सीमा पर पहुंचे तो पश्चिम यूपी में किसान मोर्चा संभाल सकते हैं।
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मेरठ से पहुंचे कार्यकर्ता, टोल कराया फ्री
सरधना से भारतीय किसान यूनियन की राष्ट्रीय मासिक पंचायत में शामिल होने कार्यकर्ता पहुंचे हैं। मेरठ जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में दर्जनों निजी कारों में सवार होकर सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता, पदाधिकारी व किसान भुनी टोल पलाजा पर एकत्रित होकर नारेबाजी करते हुए रवाना हुए। इस दौरान टोल प्लाजा को भाकियू कार्यकर्ताओं ने फ्री करा दिया और हाईवे पर भी जाम की स्थिति बन गई। इस दौरान जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने सभी कार्यकर्ताओं को समझाते हुए एकत्रित करकर रवाना किया। 
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