बारिश कम होने से धान की फसल हो सकती है प्रभावित
मुजफ्फरनगर। बीते दस दिनों से बारिश नहीं होने और अचानक सूखे की स्थिति आ जाने से धान की फसल प्रभावित हो सकती है। मौसम में उमस और गर्मी भी तेजी से बढ़ी है। जनपद में दस हजार 800 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की उपज है।
इस बार धान की फसल के लिए बारिश को अच्छी बताया जा रहा था। धान और गन्ने की आवश्यकता के हिसाब से बारिश भी लगातार हो रही थी। बीते दस दिनों से मौसम में अचानक आए बदलाव और गर्मी एवं उमस के बढ़ जाने से सूखा जैसी स्थिति बन गई है। ऐसे में जिले में धान की फसल प्रभावित हो सकती है। जनपद में दस हजार 800 हेक्टेयर में धान की पैदावार है। धान की फसल तैयार होनी शुरू हो रही है। अचानक बारिश रुक जाने का असर इस फसल पर हो सकता है। कृषि उप निदेशक जसबीर सिंह तेवतिया का कहना है कि जिस समय अधिक बारिश की आवश्यकता थी अच्छा पानी मिला है। अब बाल में दाना तैयार हो रहा है। बारिश का फसल पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। फसल पकने को तैयार है। मोटा धान तो किसान काट भी चुके हैं। थोड़ा बासमती इससे प्रभावित हो सकती है। अधिक असर नहीं पड़ेगा।